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बढ़ सकती है गबन की धनराशि, जारी रहेगी जांच

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पुवायां। खुटार की नरौठा हंसराम, पुनौती और मलिका की सहकारी समितियों में 59.92 लाख रुपये का गबन सामने आया है। मगर जांच अभी जारी है और इस घोटाले की राशि अभी और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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किसानों की तमाम शिकायतों के अधिकारियों ने मलिका, नरौठा हंसराम और पुनौती की समितियों में घोटाले की जांच कराई थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया तो इस पर कार्रवाई की शुरुआत हुई। जांच के बाद इस मामले में बृहस्पतिवार को एडीसीओ पुवायां रामकेवल वर्मा और एडीओसी राकेश कुमार वर्मा ने तत्कालीन सचिव विपिन तिवारी और जिला सहकारी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजय प्रताप सिंह समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। इस रिपोर्ट में तीनों समितियों में 59.92 लाख रुपये के गबन का जिक्र किया गया है। मगर सूत्रों का कहना है कि जांच जारी है और गबन की धनराशि अभी बढ़ सकती है। वहीं, गांव मैनिया निवासी कुलवंत कौर, तरसेम सिंह और चठिया निवासी सुरेंद्र कुमार सिंह समेत तमाम किसानों की मांग है कि उनके नाम से निकाला गया फर्जी लोन माफ किया जाए।
लिमिट बनवाने को कागज लेकर निकाल लिया लोन
खुटार के गांव महुआ पिमई के सुखविंदर सिंह का नरौठा हंसराम सहकारी समिति में खाता है। समिति के सचिव विपिन तिवारी ने उनके खाते की लिमिट को धोखाधड़ी कर दो लाख कर दिया गया, जबकि नियम के तहत समिति उसको 99 हजार का कर्ज ही दे सकती थी। अब उन पर 2.20 लाख का कर्ज बताया जा रहा है। इसी गांव के सुरजीत के अनुसार सचिव विपिन तिवारी ने उनसे लिमिट बनवाने को कहा और चेक पर अंगूठे लगवा लिए। अब उन पर 1.41 लाख का कर्ज बताकर जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
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किसान दे चुके हैं मुख्यमंत्री को ज्ञापन
बीस फरवरी 2020 को किसान मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर कर्ज माफ करने और घोटालेबाजों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। इस शिकायत में गांव टोडरपुर के जगीर सिंह ने 90 हजार, बलजिंदर सिंह ने 83 हजार, जरनैल सिंह ने 1.37 लाख, महेंद्र सिंह ने 90 हजार, दिलबाग सिंह ने 49 हजार, जगतार सिंह ने 60 हजार, मैनिया के जगतार सिंह ने एक लाख, स्वर्ण सिंह ने 86 हजार, तरसेम सिंह ने 60500, पाल सिंह ने 90 हजार, मंजीत सिंह ने 60 हजार, परमजीत सिंह ने 40 हजार, दर्शन सिंह ने 30650, गुरबख्श सिंह ने 82 हजार, सुखदेव सिंह ने 1.20 लाख, दिउरिया के आशा सिंह ने 90 हजार, सरवन सिंह ने 95 हजार, पुनौती कलां के सुखदेव सिंह ने 90 हजार, जरनैल सिंह ने 55800, पुनौती खुर्द के दलीप सिंह ने 48 हजार, त्रिलोकपुर की लखविंदर कौर ने 42 हजार, मंडनपुर के सतपाल सिंह ने 63 हजार, बनछुलिया के सर्वजीत सिंह ने 74 हजार, जोगिंदर सिंह ने 35500 रुपये धोखाधड़ी कर लोन निकालने का आरोप लगाया है।
मैं दिव्यांग हूं। सचिव ने मेरे नाम से खाद के लिए 90 हजार रुपये का लोन निकालकर कर्जदार बना दिया है। सरकार को यह लोन उसी से वसूलना चाहिए।
महेंद्र सिंह, टोडरपुर- खुटार
मेरे खाते से 85 हजार रुपये फ्रॉड कर निकाल लिए गए। मैं अंगूठा लगाता हूं जबकि जिला सहकारी बैंक से रुपये निकाले जाने के दौरान फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।
सुखदीप सिंह, गांव दिलीपपुर मुजप्ता सुजानपुर, खुटार
मेरा खाता नरौठा हंसराम समिति में है और मेरे खाते की लिमिट 99 हजार रुपये है। इसके बावजूद भी मुझ पर डेढ़ लाख रुपये का कर्ज बताया जा रहा है।
गुरपाल सिंह, गांव महुआ पिमई, खुटार
पुनौती समिति की जांच अभी चल रही है। गबन, घोटाले की रकम अभी घट बढ़ सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्रथम दृष्टया घोटाला सामने आने पर अधिकारियों के निर्देशानुसार रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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रामकेवल वर्मा, एडीसीओ पुवायां
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