शाहजहांपुर। जिलेभर में गले बिजली खंभे और झूलते तार गर्मी में उपभोक्ताओं को फिर से कटौती का झटका देंगे। करीब दो साल से धीमी गति से चल रहा रीवैंप योजना का काम अब तक 55 प्रतिशत ही पूरा हो सका है, जबकि 31 मार्च तक समय अवधि है।
जिले में 4.50 लाख उपभोक्ता हैं, जिनको 43 बिजली घरों से आपूर्ति दी जाती है। बिजली नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए 187 करोड़ रुपये वाली रीवैंप योजना से अक्तूबर, 2022 मे कार्य को शुरू कराया गया था। इसकी समय सीमा 31 मार्च 2025 थी, लेकिन फरवरी में मात्र काम आधा ही काम निपट पाया है। जिला मुख्यालय पर एसई से लेकर अधिशासी अभियंता तक योजना की निगरानी कर रहे हैं। इसके बावजूद बिजली लाइनें बदहाल पड़ी हैं। एसपी कॉलेज रोड, मालखाना माेड़, घंटाघर, सिंजई, एमनजई जलालनगर समेत तमाम स्थानों पर जर्जर तार नहीं बदले गए हैं।
गल चुके खंभे भी हादसे का सबब बने हुए हैं। ट्रांसफाॅर्मर को कवर करने तक के इंतजाम नहीं किए गए हैं। पिछले वर्ष बंच लाइन जलने से बिजली संकट से उपभोक्ताओं को जूझना पड़ा था। इस बार भी उसी समस्याओं से उन्हें जूझना होगा। हल्की हवा चलने पर तार टूटना और लंबे समय तक बिजली गुल रहना आम बात हो गई है। निगम के अधिकारियों की मानें तो कार्यदायी संस्था कम कर्मियों को लगाकर कार्य करा रही है। इसी वजह से काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। पिछले दिनों भ्रमण पर आए चीफ इंजीनियर राघवेंद्र कुमार ने इस पर नाराजगी जताई थी।
जिले में पुवायां, तिलहर, जलालाबाद व नगरीय क्षेत्र में रीवैंप के तहत काम शुरू हुआ था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो पाया है। नगरीय क्षेत्र में मुख्य मार्गों पर बिजली के तार नीचे की ओर झूल रहे हैं। तार जर्जर और खंभे झुके हुए हैं। ट्रांसफार्मर लोड नहीं ले पाते हैं। इस वजह से लोग काफी ज्यादा परेशान हैं। जलालाबाद के अधिशासी अभियंता मुदित सोनकर ने बताया कि उनकी डिवीजन में 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
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बंच लाइन की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
-नगरीय क्षेत्र में करीब 1500 बिजली के खंभे बदले गए। साथ ही दो सौ किलोमीटर तक बंच लाइन को बदलने का लक्ष्य था। पिछले वर्ष गर्मी में लोड बढ़ने पर तमाम स्थानों पर बंच लाइन में आग लग गई। इससे बिजली गुल होने के कई मामले प्रकाश में आए। ककरा में स्वयं एसई जेपी वर्मा ने बंच लाइन को जांच कर बेहतर गुणवत्ता की नहीं होने पर नाराजगी जताई थी।
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जिलेभर में ये होने हैं काम
- 36,000 बिजली के खंभे बदले जाने हैं। 1760 किलोमीटर तक बंच लाइन को डाला जाएगा। 150 किलोमीटर 33 केवीए लाइन बनाने का प्रस्ताव है। 400 किलोमीटर 11 केवीए की लाइन को बनाया जाएगा।
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अभी 55 प्रतिशत ही काम हो पाया है, जबकि 31 मार्च तक काम पूर्ण करना है। समय अवधि में कार्य नहीं करने पर कार्यदायी संस्था पर जुर्माना लगाया जाएगा। कार्य की धीमी गति के चलते कई बार संस्था को नोटिस जारी कर चुके हैं।
जेपी वर्मा, एसई
शाहजहांपुर में लाल इमली चौराहा पर पोल पर जर्जर तार आए दिन टूटते रहते हैं। संवाद