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भीषण गर्मी में बिजली संकट से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में आया उबाल

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शाहजहांपुर। भीषण गर्मी और उमस के दौरान ओवरलोडिंग, लाइन फाल्ट और ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली संकट बढ़ गया है। ओवरलोडिंग से निपटने के लिए फीडर वार दो-दो घंटे की लोकल रोस्टरिंग (स्थानीय कटौती) किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे के बजाय मुश्किल से छह-सात घंटे बिजली मिल रही है। इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में उबाल आने लगा है। बिजली संकट को मुद्दा बनाकर शनिवार को निगोही में किसानों ने पुवायां मार्ग पर चक्का जाम कर एक घंटे तक यातायात ठप रखा। उधर, सिंधौली में किसानों ने बिजली उपकेंद्र पर धरना देने के साथ वहां के प्रभारी अवर अभियंता को देर तक बंधक बनाए रखा।
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निगोही-पुवायां मार्ग पर चक्का जाम में फंसे सैकड़ों वाहन
निगोही। बिजली संकट से परेशान क्षेत्र के गांव रतूली, चक बरैंचा, बिरहाना, पराझरसा, बनियापुर, सतनाम आदि गांवों के सैकड़ों किसान सुबह आठ बजे से ब्लॉक परिसर में इकट्ठा होने लगे। दिन में 11 बजे यह लोग अर्पित वर्मा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए विद्युत उपकेंद्र पर पहुंचे। वहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान आकाश तिवारी ने विभागीय कर्मचारियों पर तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस समय धान की फसल की रोपाई चल रही है, लेकिन बिजली लाइनों के जंपरों में स्पार्किंग होने से अक्सर बत्ती गुल हो जाती है।
नाराज किसानों की भीड़ को देखकर उपकेंद्र के कर्मचारी वहां से खिसक लिए। किसानों ने समस्या समाधान नहीं होते देख पुवायां मार्ग पर जाम लगा दिया। बाद में वहां पहुंचे बीडीओ ने किसानों की समस्या सुनी और तीन दिन में विद्युत आपूर्ति में सुधार कराने का वायदा कर जाम खुलवाया। प्रदर्शन में रामू वर्मा, आकाश गुप्ता, राहुल प्रजापति, अखिलेश यादव, विशाल, दीपक कुमार, गौरव, सरोज कुमार, अंकित आदि शामिल रहे। संवाद
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सिंधौली में जेई को बंधक बनाकर दिया धरना
सिंधौली। बिजली कटौती को लेकर भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) के जिलाध्यक्ष नरेंद्र यादव के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने शनिवार को स्थानीय बिजली उपकेंद्र पर प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने के दौरान किसानों ने अवर अभियंता अवधेश कुमार को बंधक बनाकर मेन गेट बंद कर दिया। बिजली कटौती बंद करने और अन्य मांगों को लेकर जेई को किसान लगभग एक घंटे तक बंधक बनाए रहे। बाद में मौके पर पहुंचे उपखंड अभियंता रमाशंकर को समस्या से अवगत कराया। इस मौके पर यूनियन के जिलाध्यक्ष ने उन्हें तीन सूत्री ज्ञापन देकर कहा कि समस्या का समाधान होने तक किसान वहीं बैठे रहेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों को केवल चार घंटे बिजली मिल रही है, जबकि इन दिनों धान की रोपाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है। ज्ञापन में अवैध वसूली के चक्कर में मीटर खराब कर किसानों के खिलाफ दर्ज कराए जा रहे मुकदमें तत्काल वापस लिए जाने पर जोर दिया गया। धरना प्रदर्शन में गुलजार सिंह, हरिराम वर्मा, बलवंत सिंह, सुखजीत सिंह, सरवन सिंह, अमृत सिंह, ताराचंद, विक्रम सिंह, बलजीत सिंह, करनजीत सिंह आदि शामिल रहे । संवाद
खुदागंज में आंधी-बारिश से 20 घंटे गुल रही बत्ती
खुदागंज। शुक्रवार की शाम आंधी के साथ हुई बारिश ने नगर समेत ग्रामीण अंचल में बिजली व्यवस्था चौपट कर दी। करीब 20 घंटे तक बत्ती गुल रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विभागीय अधिकारियों को लोग लगातार फोन करते रहे, लेकिन अधिकतर स्विच ऑफ निकले।
बारिश के साथ चली तेज हवा से कई जगह बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों ने आंधी-बारिश थमने के बाद पेट्रोलिंग कराकर बिजली नेटवर्क की खराबी दूर करानी शुरू कीं। इस दौरान जलालपुर रोड, दीपपुर, म्यूना, रामपुर नवदिया, पहाड़ीपुर भोपत, अकबरपुर, अकबरी, फतेहपुर, फुलवा, मरकन्दापुर, देवरास, चरखौला, बमियाना, मझिला आदि गांवों में 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
एसडीओ विजय कुमार ने बताया कि आंधी के कारण देहात और नगर क्षेत्र के बागों के पास कुछ खंभे और तार टूटने से बाधित बिजली आपूर्ति सुचारू कराने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
बिजली कटौती के कारण फसलें सूख रही हैं और बच्चे ठीक से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं। घरों पर बिजली से चलने वाले उपकरण भी दिखावटी बने हुए हैं। सरकार की घोषणा के अनुसार बिजली आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए।
-लालजीत वर्मा, बड़ावन (सिंधौली)
पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खेतों में धान की रोपी गई पौध पीली पड़ने लगी है। कम बिजली आने के कारण ट्यूबवेल से खेत में किसान पानी नहीं भर पा रहे हैं। इस कारण तमाम किसानों की धान की रोपाई का काम अटका है। -बलराम, बारापुर (सिंधौली)
बिजली की व्यवस्था बेहद खराब है। गांवों में हालत नगर से भी खराब हैं। लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग से लोग आजिज आ चुके हैं। शिकायत के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए। -डॉ. प्रदीप शुक्ला, खुटार
विभाग की ओर से नलकूपों के लिए बिजली का समय दस घंटे रखा गया है, लेकिन बिजली पांच से छह घंटे ही मिल पा रही है। उसमें भी एक-एक घंटे बाद रोस्टरिंग की जाती है। खेत में पानी जितना भर पाता है रोस्टरिंग में उतना ही सूख जाता है। इससे फसलों की सिंचाई में बहुत दिक्कत हो रही है। -विपुल मिश्रा, निवासी नाहिल, पुवायां
शासन ने शहरी क्षेत्र को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 21.30 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई के साथ भीषण गर्मी में बिजली की खपत बढ़ गई है। बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त भार पड़ने से खराबी आ रही है। इसीलिए मौजूदा हालत से निपटने के लिए सभी फीडरों पर बारी-बारी दो-दो घंटे की स्थानीय कटौती करनी पड़ रही है। पारेषण खंड से भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। लाइनों को ओवरलोडिंग से बचाने और बिजली आपूर्ति में सुधार को अनवरत प्रयास किए जा रहे हैं। -रामनरेश गौतम, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉरपोरेशन
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