एमडी के नाम अधीक्षण अभियंता को सौंपा ज्ञापन
इंजीनियर्स प्रोटेक्शन एक्ट बनाए जाने की रखी मांग
कनेक्शन चेकिंग और बकाया बिल जमा नहीं करने पर कनेक्शन काटे जाने के दौरान विद्युत विभाग की टीमों पर प्रदेश भर में हो रहे हमले और अभद्रता की घटनाओं को देखते बिजली अभियंताओं ने राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के आह्वान पर सुरक्षा को मुद्दा बनाकर जेल रोड के सर्किल ऑफिस में प्रदर्शन किया। बाद में अभियंताओं का शिष्टमंडल अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल से मिला और उन्हें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक के नाम ज्ञापन देेकर इंजीनियर्स प्र्रोटेक्शन एक्ट बनाए जाने की मांग की।
प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार विभिन्न संवर्गों के अभियंताओं ने सोमवार को रोजाना की तरह सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक कार्यालयों और क्षेत्र में मौजूद रहकर विभागीय कार्यों का निस्तारण किया। बाद में अधीक्षण अभियंता कार्यालय जाकर वहां प्रदर्शन करके विभागीय टीमोें से आए दिन हो रही मारपीट और अभद्र्रता पर विरोध दर्ज कराया।
एमडी को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि अभियंताओं पर हमलों के मामलों को लेकर कानून की शरण में जाने पर आरोपियों की ओेर से अभियंताओें के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। इस तरह की कार्यवाही से अभियंताओं समेत बिजली स्टाफ में भय और असुुरक्षा का वातावरण बन रहा है। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकनेे के लिए शासन स्तर पर इंजीनियर्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द बनाया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में अधिशासी अभियंता (शहर) विवेक पटेल, एक्सईएन (ग्रामीण) अंशुुमान यादव, एक्सईएन (तिलहर) एनपी सिंह, सहायक अभियंता सौरभ भारद्वाज, एसडीओ प्रशांत सिंह, गौरव शर्मा, अनमोल सिंह गौर, सतीश जायसवाल, मनीष कुमार, उपेंद्र मिश्रा, कृष्ण कुमार, अवर अभियंता अनुज श्रीवास्तव, शैलेंद्र पांडेय, जीडी जोशी आदि शामिल रहे।