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बड़े बकायेदारों के बिजली कनेक्शन कटने के साथ होगी एफआईआर

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शाहजहांपुर। बिजली राजस्व की वसूली में तेजी लाने के लिए विद्युत निगम ने एकमुश्त समाधान योजना लागू कर रखी है। इस बार इस योजना में उपभोक्ताओं को ये सहूलियत दी गई है कि बकाया बिलों का भुगतान स्वयं दो अथवा तीन किस्तों में ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके बावजूद योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं की संख्या कम होने पर निगम के अधिकारियों ने दस हजार रुपये और इससे अधिक के बकायेदारों के कनेक्शन काटने का अभियान चलाया, लेकिन उसके भी अपेक्षित नतीजे नहीं मिल सके। इसे देखते अब एक लाख रुपए और इससे ज्यादा के देनदार उपभोक्ताओं पर सख्ती शुरू कर दी गई है। इनके कनेक्शन काटने के साथ ही जांच में दोबारा कनेक्शन जुड़े पाए जाने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय किया गया है।
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शहरी क्षेत्र के 90 हजार उपभोक्ताओं में करीब 30 हजार ऐसे उपभोक्ता चिह्नित किए गए हैं जिन पर 5.5 करोड़ रुपये पिछला राजस्व बकाया है। इनमें करीब 600 ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर बीते कई माह के बिजली बिल के तौर पर एक लाख रुपये और इससे अधिक धनराशि बकाया है।
होली से पहले बकायेदारों को किश्तों में बिल जमा करने के लिए लागू की गई ओटीएस के क्रियान्वयन में अभियंताओं का कार्य बहिष्कार आड़े आ गया। गत एक अप्रैल से योजना दोबारा शुरू हुई तो दस हजार रुपये के बकायेदारों के चालू कनेक्शन निशाने पर लिए गए। इसके बावजूद बकायेदार नहीं चेते। विशेष अभियान में अभी तक शहरी क्षेत्र में सिर्फ 557 कनेक्शन काटे जा सके, जिनमें छोटे बाकीदार ज्यादा हैं।
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इसीलिए विद्युत निगम प्रबंधन ने अब बड़े बकायेदारों पर सख्ती करने का निर्णय किया ताकि छोटे बकायेदार कम धनराशि वाले बिलों की अदायगी के लिए प्रेरित हो सकें। निगम के उपखंड अधिकारी (शहर) अभिषेक राय ने बताया कि जिन लोगों के कनेक्शन काटे गए हैं, उनमें एक लाख रुपये से अधिक के कई बकायेदार हैं। इनमें से करीब 178 उपभोक्ताओं ने कनेक्शन कटने के बाद दो करोड़ रुपये भुगतान किया है।
अभी तक लगभग 50 उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी और अवैध तरीके से कनेक्शन जुड़वाने आदि मामलों में एफआईआर कराई जा चुकी है। एसडीएओ राय के अनुसार जिनके कनेक्शन काटे जा चुके, वह दोबारा जांच में बिल अदायगी के बगैर चलते पाए जाने पर संबंधितों को बिजली चोरी में लिप्त मानते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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