शाहजहांपुर। पूर्वांचल विद्युत निगम के विघटन और बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण की मांग को लेकर आंशिक कार्य बहिष्कार कर रहे बिजली अभियंताओं और कर्मचारियों ने लखनऊ में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की केेंद्रीय कार्यकारिणी के बीच वार्ता विफल होने पर सोमवार से पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। इस बीच, बिजली आपूर्ति अबाध रूप से जारी रखने के लिए प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह सभी 41 बिजलीघरों की निगरानी के लिए जनपद को दो सुपर जोन में बांटकर एडीएम फाइनेंस गिरिजेश कुमार चौधरी और डीआरडीए के परियोजना निदेशक डीपी सिंह को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट नामित किया। पैना के 220 केवी पावर स्टेशन पर रिलायंस पावर ग्रिड के अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी है।
संघर्ष समिति से जुड़े विभिन्न संवर्गों के अभियंता और कर्मचारी इन दोनों मुद्दों को लेकर अभी तक दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक आंशिक कार्य बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ ध्यानाकर्षण आंदोलन कर रहे थे। तीन घंटे की हड़ताल के बाद शाम से रात और सुबह से दोपहर तक अभियंता और कर्मचारी कार्यरत रहने से जन सामान्य को बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से होती रही। आंशिक कार्य बहिष्कार के दौरान पावर नेटवर्क भी सामान्य बना रहा और उसमेें कोई बड़ी खराबी नहीं आई, लेकिन प्रबंधन से पदाधिकारियों की वार्ता बेनतीजा साबित होने पर बिजली अभियंताओं ने पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की तो प्रशासन बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखने को समानान्तर व्यवस्थाएं करने में जुट गया। सोमवार को सुबह से महानगर समेत जिले के अन्य पावर सब स्टेशनों पर तैनात अभियंता और कर्मचारी नियमित कामकाज छोड़कर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में जमा होने लगे। दिन में 11 बजे तक वहां सैकड़ों कर्मचारी और अभियंता इकट्ठा हो गए। इस दौरान वहां मांगों का समर्थन करने पहुंचे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य कौंसिल के सदस्य सुरेश कुमार, सह सचिव रामशंकर लाल आदि पदाधिकारियों का हड़ताली बिजली कर्मचारियों ने जोशीली नारेबाजी के साथ तालियां बजाकर स्वागत किया। समिति के जिलाध्यक्ष/एक्सईएन सिटी प्रशांत गुप्ता की अध्यक्षता में हुई सभा में वक्ताओं ने बिजली वितरण व्यवस्था का निजीकरण किए जाने के कई दुष्प्रभाव गिनाते हुए कहा कि इससे आम लोगों का बिजली व्यय बढ़ेगा और किसानों को भी महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ेगी। प्रदर्शन और सभा में समिति के संयोजक विनोद सिंह राणा, अभिषेक राय, प्रदीप राय, कृष्ण कुमार पटेल, मनीष प्रजापति, जयंत कुमार, देवराज सिंह, सौरभ शाक्य, जितेंद्र पाल, दिनेश चंद्र, अंकित कुमार, राहुल डांगी, सर्वेश कुमार, गजेंद्र पाल, आशीष कुमार आदि शामिल रहे।
पावर स्टेशनों का डीएम, एसपी ने किया निरीक्षण
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को दोपहर एसपी एस. आनंद के साथ पुवायां रोड पर पैना स्थित 220 केवी और चिनौर के 132 केवी ट्रांसमिशन स्टेशनों सहित ट्रांसफार्मर वर्कशॉप और मछली मार्केट के पास बिजली उपकरणों के भंडार गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टोर में उपकरणों की उपलब्धता और उसमें कमी नहीं आने देने के निर्देश दिए। वर्कशॉप के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मरम्मत को आए सभी ट्रांसफार्मर ठीक कर उन्हें उपयोग लायक बनाएं। पैना पावर स्टेशन पर नियुक्त रिलायंस पावर ग्रिड के अभियंताओं को बिजली बनाए रखने के लिए कंट्रोल पैनल और यार्ड में लगी मशीनरी की निगरानी करते रहने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि कोई असुविधा होने पर सुपर जोनल मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारी नामित किए गए प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी समस्या बताएं। एसपी ने वहां तैनात की गई पुलिस टीम को पावर स्टेशन की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी आदि कई अधिकारी मौजूद रहे।
कोविड कंट्रोल सेंटर में करें बिजली की शिकायतें
हड़ताल के दौरान जन सामान्य की बिजली संबंधी शिकायतों और समस्याओं के समाधान को डीएम ने कलक्ट्रेट के कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का एक पटल आरक्षित कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी समस्याएं क्षेत्रीय बिजली उपकेंद्रों पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नोट करा सकते हैं और कोई दिक्कत होने पर कोविड कंट्रोल सेंटर के टेलीफोन नंबर 05842-220017, 220018 अथवा 220019 पर कॉल करके अपनी शिकायत का निस्तारण करा सकते हैं।
पहचान दिखाने पर उपकेंद्रों में होगी एंट्री
एसपी ने जनता से सीधे जुड़ाव वाले 33 केवी उपकेंद्रों पर नियुक्त किए गए पुलिस कर्मचारियों को मशीनों की सुरक्षा को व्यापक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि कोई शिकायत अथवा समस्या लेकर आने वालों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल आदि पहचान संबंधी दस्तावेज अनिवार्य रूप से देखें। साथ ही ऐसे लोगों के मोबाइल पर फोटो भी खींचकर सुरक्षित रखें। सोमवार को बिजली से संबंधित कामों को लेकर जो लोग बहादुरगंज, गोविंदगंज, निगोही रोड गदियाना आदि उपकेंद्रों पर पहुंचे, उनमें से कई लोगों को पहचान के दस्तावेज नहीं होने से अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति मेें कोई व्यवधान नहीं पड़ने दिया जाएगा। पावर कॉरपोरेशन के सभी 706 संविदा कर्मचारी ड्यूटी पर बने हुए हैं। सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाए गए एडीएम फाइनेंस को महानगर समेत पुवायां और परियोजना निदेशक को तिलहर, जलालाबाद और कलान तहसीलों में बिजली व्यवस्था सुचारु रखने की जिम्मेदारी दी गई है। 132 केवी के चिनौर, पुवायां, बंडा, तिलहर और जलालाबाद स्थित सभी पांच पावर स्टेशनों पर नोडल अधिकारी के तौर पर एसडीएम निगरानी कर रहे हैं।
- रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन/प्रभारी बिजली वितरण व्यवस्था