जलालाबाद। नया गांव मैसूलपुर में बुधवार सुबह आटा चक्की के पट्टे में साड़ी का पल्लू फंसने से 55 वर्षीय सुनीता की मौत हो गई। परिजनों ने बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव अंतिम संस्कार कर दिया।
सुनीता के तीन बेटे हैं। वह अपने सबसे छोटे बेटे विशाल के साथ रहती थीं। विशाल ने मकान में ही आटा चक्की लगा रखी है। बताते हैं कि बुधवार की सुबह करीब छह बजे बिजली आने पर विशाल ने गेहूं पीसने के लिए चक्की चलाई। इस बीच सुनीता उठकर घर के बाहर की ओर जाने लगीं। तभी उनकी साड़ी का पल्लू आटा चक्की के पट्टे में फंस गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल ले जाने से पूर्व उनकी मौत हो गई। शव को देख उनके बेटे विशाल, राजू व निर्देश का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। इंस्पेक्टर राजीव तोमर ने बताया कि इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं दी गई है।