निगोही में पैनल को सही करते कर्मचारी। स्रोत: जागरूक पाठक
शाहजहांपुर। 41 डिग्री तापमान में निगोही के दो इलाकों के करीब आठ हजार उपभोक्ता परेशान रहे। गांधी नगर में तारों में आग लगने से 14 घंटे बिजली गायब रही। इसी तरह जिंदपुरा फीडर के पैनल में खराबी आने से ग्रामीण इलाके के लोग परेशान हो गए। शहर में भी फ्यूज व जंपर जलने से उपभोक्ता बेहाल रहे।
187 करोड़ की रीवैंप योजना में 80 प्रतिशत कार्य होने के बावजूद लोगाें को फॉल्ट से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। निगोही उपकेंद्र के गांधी नगर की लाइन पर रविवार की शाम को तारों में आग लग गई। इसके चलते पूरे मोहल्ले की बिजली गायब हो गई। गांधीनगर में बड़ा मोहल्ला होने के कारण करीब छह हजार की आबादी है। बिजली जाने से लोग पूरी रात अंधेरे में करवटें बदलते रहे।
इन्वर्टर डाउन होने से छत पर रात गुजारी। सुबह में बिजली का संकट खड़ा हो गया। करीब 14 घंटे के बाद बिजली आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। निगोही उपकेंद्र पर जिंदपुरा फीडर के पैनल में सुबह सात बजे आग लग गई। इसके चलते करीब दो हजार कनेक्शनधारकों की बिजली गायब हो गई। पैनल को सही कराने के लिए शहर से टीमों को बुलाया गया। करीब सात घंटे फीडर बंद रहने से उपभोक्ता परेशान रहे।
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जले जंपर और फ्यूज
मोहल्ला मदराखेल में बिजली की आवाजाही ने लोगों को परेशान रखा। यहां भी जंपर जलने की समस्या थी। करीब एक घंटे तक लोग जूझते रहे। ग्राम रसूलपुर चठिया में तार टूटने से तीन घंटे तक बिजली नहीं आई। बहादुरगंज उपकेंद्र के लकड़ी मंडी में शाम करीब पांच साढ़े पांच बजे तार टूटने से डेढ़ घंटे तक बिजली की आपूर्ति गायब रहने से उपभोक्ता बेहाल हो गए। लोगों ने उपकेंद्र पर पहुंचकर नाराजगी जताई, तब तार को जोड़ा गया। शाम में गोविंदगंज उपकेंद्र में कटिया टोला में जंपर जल गया। ओवरलोडिंग की वजह से पूरे दिन जंपर जलने, तार टूटने की समस्याएं आने पर उपभोक्ता गर्मी से जूझते रहे।