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शिक्षामित्रों ने भाजपा कार्यालय घेरा 

Fri, 28 Jul 2017 10:21 PM IST
शाहजहांपुर। 
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शिक्षामित्रों ने भाजपा कार्यालय घेरा  - फोटो : शिक्षामित्रों ने भाजपा कार्यालय घेरा 
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सुप्रीमकोर्ट के समायोजन रद्द करने के फैसले से खफा शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को गांधी भवन परिसर में एकत्र होकर पहले सभा की। बाद में सदर बाजार चौराहे पर धरना देकर जाम लगा दिया। इसके बाद उन्होंने भाजपा कार्यालय का घेराव कर ददरौल विधायक मानवेंद्र सिंह को ज्ञापन देकर सरकार से तत्काल समस्या का समाधान कराने की मांग की। जिले में शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में स्कूल बंद रहे।
सुबह दस बजते ही महिला-पुरुष शिक्षामित्र गांधी भवन में जुटने शुरू हो गए थे। कई महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर आंदोलन में सहभागिता करने पहुंचीं। सभा शुरू होते ही बरसात होने लगी, लेकिन कोई टस से मस नहीं हुआ। बरसात में भीगते हुए भी उन्होंने अपना आक्रोश व्यक्त करना जारी रखा। सभा के बाद शिक्षामित्रों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में थाना सदर बाजार की ओर कूच किया। थाने के सामने शिक्षामित्र धरने पर बैठ गए। इस बीच उन्होंने जाम भी लगा दिया। 
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प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रत्नाकर दीक्षित के नेतृत्व में शिक्षामित्र विधायक मानवेंद्र सिंह के आवास पर पहुंच गए और उन्होंने विधायक को अपर मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन देकर शिक्षामित्रों को न्याय दिलाने की मांग की। 
वहीं, समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष यदवीर सिंह यादव के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने भाजपा कार्यालय का घेराव कर जिलाध्यक्ष राकेश कुमार मिश्र को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई। आंदोलन में श्याम लाल यादव, रामपूत पाल, आलोक वर्मा, रुचि रानी, ऊषा मिश्रा, कश्मीर सिंह, सचिन मिश्रा, बृजेश मिश्र, कृष्ण कुमार वर्मा, वेद वर्मा, पूजा सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र शामिल रहे।
बंद स्कूलों में कराई शिक्षण व्यवस्था
शिक्षामित्रों के आंदोलन के बाद जनपद में सैकड़ों स्कूल बंद हो गए। बीएसए राकेश कुमार ने शुक्रवार को कई स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था कर बच्चों की पढ़ाई शुरू कराई। कुछ स्कूलों के ताले भी खोले गए और कुछ में बरामदे में ही कक्षाएं संचालित कराकर पढ़ाई कराई गई। जहां प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल एक ही भवन में संचालित हैं, वहां जूनियर कक्षाओं के शिक्षकों ने पढ़ाई का जिम्मा उठाया। 
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600 स्कूलों में एमडीएम प्रभावित
शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने से प्राथमिक स्कूलों में मिडडे-मील भी प्रभावित हो रहा है। बीएसए ने इसकी पुष्टि भी की है। उन्होंने बताया कि लगभग 600 स्कूलों में एमडीएम नहीं बन रहा है। मिडडे-मील खाते भी संचालित नहीं हो रहे हैं। जब स्कूल ही नहीं खुल रहे हैं तो खाना कहां बनवाया जाए। बर्तन आदि सामग्री भी स्कूलों की रसोईघरों में बंद है। इस तरह हजारों बच्चों को तीसरे दिन भी मध्यान्ह भोजन नसीब नहीं हो सका। 
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