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हेलमेट न लगाने की नादानी में गवां रहे जान

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फोटो-21,22,23
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हेलमेट न लगाने की नादानी में गवां रहे जान
हादसों में मरने वालों में सबसे अधिक दो पहिया वाहन वाले
तीन माह में हो चुकी हैं 57 मौतें, फिर भी नहीं चेत रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
जिले में हादसों में मौत का शिकार सबसे अधिक दो पहिया वाहन सवार ही होते हैं। इसका मुख्य कारण हेलमेट न लगाना और ट्रिपिल राइडिंग है, लेकिन इसकी याद तब आती है, जब हादसे में किसी अपने जान चली जाती है। हालांकि पुलिस भी ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए जब-तब वाहन चेकिंग के दौरान दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट लगाने पर जोर देती है और हेलमेट नहीं होेने पर चालान भी काटती है, लेकिन इसका असर दोपहिया वाहन चालकों पर कम ही पड़ रहा है। एक आंकड़े के मुताबिक जिले में लगभग रोज ही एक मौत हो रही है। तीन माह के दौरान हादसों में 585 लोग घायल हुए और करीब 57 की मौत हुई।

केस-एक
16 जून को थाना रोजा क्षेत्र के गांव अटसलिया निवासी 30 वर्षीय जगन्नाथ निगोही की ओर से बाइक से वापस आ रहे थे। रास्ते में सामने से भैंस आ गई। उससे टकराने के बाद बाइक सहित सड़क पर गिरे तो सिर में गंभीर चोट आ गई और जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जगन्नाथ हेलमेट नहीं लगाए थे। डॉक्टरों ने यह माना था कि अगर वह हेलमेट लगाए होते तो जान बच जाती।
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केस-दो
27 जून की रात नेशनल हाईवे पर तिलहर क्षेत्र में एस्सार पेट्रोल पंप के पास अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में बाइक चला रहे गांव डभौरा निवासी 32 वर्षीय रौनक को सिर में गंभीर चोट लग गई। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका साथी हाफिज सुहेल घायल हो गया। बाइक सवार दोनों लोगों में से कोई भी हेलमेट नहीं लगाए था।

केस-तीन
28 जून को शाहजहांपुर-पुवायां रोड पर थाना सिंधौली क्षेत्र के गांव नगला शाहजहां निवासी 35 वर्षीय सुधीश कुमार अपने साथी 25 वर्षीय पिंटू के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे कि तभी पैना हाइडिल के पास सामने से आ रही कार से बाइक भिड़ गई। हादसे में सुधीश के सिर में गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई। ये दोनों लोग भी हेलमेट नहीं लगाए थे।

केस-चार
27 जुलाई की रात कोला मोड़ के पास रोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार जैतीपुर क्षेत्र के गांव बिनौरा निवासी राजाबाबू कश्यप और उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक चला रहे राजाबाबू कश्यप के सिर में गंभीर चोट आई और उनकी जान चली गई। वह हेलमेट नहीं लगाए थे।

तेज रफ्तार भी बन रही हादसे का सबब
हादसों में मरने वालों में सबसे ज्यादा युवा ही है। इसकी एक वजह हाईपिकअप वाली बाइकें भी हैं। बाइक पर नौजवान ऐसे फर्राटा भरते हैं कि फिर उन्हें न अपनी जान की परवाह होती है और न सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों के जीवन की फिक्र। अचानक बाइक के सामने कोई बड़ा वाहन या जानवर आ जाए, तो फिर बाइक को संभालना मुश्किल हो जाता है।

पीडब्ल्यूडी विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं
सड़क पर होने वाले हादसों में पीडब्ल्यूडी विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं है। जिले में तमाम ऐसी जगह हैं जहां रोड साइड पटरी है ही नहीं। तेज रफ्तार सवार सामने से आ रहे वाहन को बचाने के लिए जैसे ही बाइक रोड से नीचे उतारते हैं, खाई में जा गिरते हैं। अगर खाई से बचने की कोशिश करते हैं तो सामने वाले वाहन से भिड़ जाते हैं।

सड़क हादसों पर एक नजर
माह मौत घायल
मई 17 175
जून 25 215
28 जुलाई तक 15 195

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हादसों में सबसे अधिक युवाओं की मौतें हो रहीं है। इनमें ज्यादातर लोग हेलमेट न लगाने के कारण मौत का शिकार हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट का उपयोग कराने के लिए जिले में अब विशेष अभियान शुरू करेंगे।
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- केबी सिंह, एसपी

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हेलमेट न लगाने पर मोटर वाहन अधिनियम में 100 रुपये का जुर्माना अथवा एक दिन की सजा का प्रावधान है, लेकिन अब इस अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित है। सड़क हादसे में मृतक आश्रित को मनरेगा के तहत न्यूनतम मजदूरी का आंकलन करते हुए क्षति पूर्ति दिलाने का प्रावधान है।
- अजय वर्मा, अधिवक्ता/महासचिव सेंट्रल बार एसोसिएशन
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