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बिना परीक्षा शाहजहांपुर के तीन कॉलेजों का परिणाम रहा सौ फीसदी

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शाहजहांपुर। आईसीएससी और आईएससी परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा शनिवार को कर दी गई। जिले के तीनों कॉलेजों का परीक्षा परिणाम सौ प्रतिशत रहा। इस बार कोई भी विद्यार्थी फेल नहीं हुआ। बिना परीक्षा के पास होने से ज्यादातर विद्यार्थी खुश हैं।
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जिले में आईसीएससी और आईएससी बोर्ड के तीन विद्यालय हैं। होली एंजिल्स, डान एंड डोना कान्वेंट, एनटीआई में दोनों ही बोर्ड के 447 विद्यार्थी हैं। इनमें 224 छात्र-छात्राओं को हाईस्कूल व 223 को इंटरमीडिएट की परीक्षा देनी थी। मगर कोविड-19 के चलते परीक्षाएं निरस्त कर दी गईं और बिना परीक्षा कराए ही परिणामों की घोषणा का निर्णय लिया गया था। शनिवार को वह दिन भी आ गया, जब परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा होने थी। इसको लेकर सुबह से ही इंतजार किया जा रहा था। शनिवार अपराह्न 3:00 बजे आईएससी के परिणाम घोषित किए गए। इसके कुछ समय बाद आईसीएससी का रिजल्ट भी जारी कर दिया गया। इसको छात्र-छात्राओं ने अपने मोबाइल और कंप्यूटर पर ही वेबसाइट पर सर्च कर देखा। बिना परीक्षा के पास होने की खुशी से बच्चे फूले नहीं समा रहे हैं। उनके अभिभावक भी इस बात से संतुष्ट दिखे कि उनका बच्चा अगली कक्षा में पहुंच गया। कोविड-19 के चलते स्कूल बंद चलने की वजह से छात्र-छात्राओं ने अपने घर पर परिवार के साथ ही खुशियां मनाई। परिजनों ने परीक्षा में पास होने पर मुंह मीठा कराया।
परीक्षा देने को मिलती तो और अच्छे नंबर आते : प्रखर गोस्वामी
डॉन एंड डोना कांवेंट में 12वीं के विद्यार्थी प्रखर गोस्वामी ने 489 अंक प्राप्त किए। उनका परीक्षा परिणाम 97.8 प्रतिशत रहा। जिसको लेकर प्रखर का कहना है कि वह परीक्षा परिणाम से खुश हैं। लेकिन उन्हें परीक्षा देने का मौका मिलता, तो वह इससे बेहतर अंक प्राप्त कर सकते थे। बताया कि उन्होंने दिन में पांच से सात घंटे पढ़ाई की थी। परीक्षा परिणाम आने के बाद अब वह एनडीए करना चाहते हैं, अगर ऐसा नहीं हो पाया तब वह ट्रैवलिंग एप बनाएंगे। प्रखर के पिता विक्रम गोस्वामी फाइनेंशियल एडवाइजर और मां प्रियंका गोस्वामी गृहणी हैं।
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एलिजा सुख को मिले 97.2 प्रतिशत अंक
डॉन एंड डोना कांवेंट में 12वीं की छात्रा एलिजा सुख ने 97.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कॉलेज की टॉप टेन सूची में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उनका कहना है कि अगर एग्जाम होते तो शायद इतने ज्यादा नंबर नहीं आते। अब जब रिजल्ट आया है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। पिछली परीक्षाओं के अंकों के आधार पर फाइनल में बहुत अच्छे मास्क मिल गए हैं। परिवार में मां और दो छोटे भाई-बहन हैं। मां जिला अस्पताल में नर्स हैं। भाई-बहन कक्षा सात में पढ़ रहे हैं। रिजल्ट आने के बाद अब मेडिकल की पढ़ाई करने का इरादा है।
स्वर्णिम वाजपेयी को है परीक्षा न देने का मलाल
डॉन एंड डोना कांवेंट में 12वीं की छात्रा स्वर्णिम वाजपेयी का कहना है कि अगर परीक्षाएं होतीं तो इससे ज्यादा अच्छे नंबर ला सकते थे। कोविड-19 के चलते परीक्षाएं न हो पाने का मलाल रहेगा। हालांकि वह परिणाम से खुश हैं, आईएससी में 96.8 परसेंट मास्क आए हैं। यह मास्क अपनी मेहनत से प्राप्त होते तब ज्यादा खुशी होती। बताया कि वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए नीट की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता अनुरोध कुमार वाजपेयी प्राइमरी टीचर हैं। परिवार में सभी लोग उनके रिजल्ट से खुश हैं।
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