शिक्षक विधायक संजय मिश्रा के द्वारा एक साथी को पीटे जाने से नाराज खंड शिक्षा अधिकारियों ने बृहस्पतिवार से कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल शुरू कर दी है। सभी खंड शिक्षा अधिकारी बीएसए दफ्तर के मेन गेट के बाहर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों की मांग है कि जब शिक्षक विधायक और उनके साथियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक वे लोग काम नहीं करेंगे।
खंड शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों का प्रमोशन करने के लिए काउंसिलिंग की जा रही थी। तब शिक्षक विधायक संजय मिश्रा और उनके साथियों ने मारपीट की थी। इस मामले में कांट थाने में तहरीर दी गई, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। खंड शिक्षा अधिकारियों ने कहा कि यदि शिक्षक विधायक पर कार्रवाई नहीं की गई तो मंडल और फिर प्रदेश भर के खंड शिक्षा अधिकारी कार्य बहिष्कार कर देंगे। बीईओ ने कहा कि इसमें सहयोग करने के लिए शिक्षा संगठनों को पत्र भेजा गया है, जिसमें कई संगठनों के पदाधिकारियों ने सहयोग करने का भरोसा भी दिया है।
कार्य बहिष्कार के दौरान मनोज बोस, त्रिलोकीनाथ, सुशील कनौजिया, सुरेश पाल, राजेश चतुर्वेदी, आईपी सिंह, अमर सिंह राणा, रामकिशोर, भगवानराव आदि खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ सहायक लेखा एवं वित्त अधिकारी पीपी सिंह, राजेश बाबू, महेश बाबू, देवेश शुक्ला, देवेश वाजपेयी, अनुपम सिंह, ईशपाल सिंह, पूजा सिंह, राजकुमार सिंह, शरद सिंह, आसिफ आदि मौजूद रहे।
50 घंटे में भी पूरी
नहीं हो सकी जांच
सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शिक्षक विधायक और खंड शिक्षा अधिकारी के बीच मारपीट के मामले में मंगलवार शाम चार बजे कांट थाने में तहरीर दी गई थी। तहरीर देने के 50 घंटे गुजर जाने के बाद तक मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी। इससे कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
प्राशिसं (जबर सिंह गुट) का
बीईओ को नैतिक समर्थन
प्राथमिक शिक्षक संघ जबरसिंह गुट ने बीईओ पाल को नैतिक समर्थन दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षक विधायक पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए उनके इस कार्य की निंदा की। जिला संयोजक रवींद्र पाल प्रजापति, सह संयोजक मसूद कमाल खां, शफीकुर्रहमान के साथ उनकी टीम ने धरना स्थल पर पहुंचकर बीईओ का समर्थन किया।
विधायक के पक्ष में उतरे
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की एक बैठक कैंप कार्यालय में हुई। महासभा के पदाधिकारियों ने शिक्षक विधायक मिश्रा का समर्थन करते हुए कहा कि बीईओ सुरेश पाल ने उन पर गलत आरोप लगाया है। इससे विधायक की छवि धूमिल हो रही है। वे लोग बीईओ की निंदा करते हैं। इस मौके पर कार्यवाहक जिलाध्यक्ष नरेंद्र यादव, प्रदेश महासचिव राजेश आनंद, प्रधानाचार्य परिषद के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अभिषेक पांडेय, ब्रजेश मिश्रा, पवन यादव, देवशरण मिश्र, संजीव मिश्रा आदि मौजूद रहे।
‘खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश पाल से मिलकर उनका पक्ष सुन लिया है। अभी शिक्षक विधायक संजय मिश्रा से मुलाकात नहीं हो सकी है, जिससे उनका पक्ष भी सुना जा सके। इसी वजह से बृहस्पतिवार शाम तक एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी।’
- नकदू यादव, थाना इंस्पेक्टर, कांट
‘प्रजातांत्रिक व्यवस्था में कर्मचारियों का काम जनता की सेवा करना होता है। प्रतिनिधि होने के नाते शिक्षकों की समस्याएं बताने गया था। मारपीट की बात बिल्कुल गलत है। राजपत्रित अधिकारियों को धरना-प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। ऐसा करके वह पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। किसी के बरगलाने पर बीईओ सुरेश पाल यह सब कर रहे हैं।’
- संजय मिश्रा, शिक्षक विधायक