प्राथमिक विद्यालय बिजलीपुरा को मकान मालिक ने बेसिक शिक्षा परिषद से खाली करा लिया है। इससे वहां पढ़ रहे करीब 154 छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है। विद्यालय खाली कराने की इस आपाधापी में बृहस्पतिवार को शिक्षण कार्य नहीं हो सका।
नगर क्षेत्र के मोहल्ला बिजलीपुरा में प्राथमिक विद्यालय किराए के भवन में संचालित हो रहा है। बीते कई वर्षों से भवन मालिक विद्यालय से जमीन खाली कराने की फिराक में लगे हुए थे। इस मामले को लेकर मकान मालिक और बेसिक शिक्षा विभाग का कोर्ट केस भी चल रहा है। बृहस्पतिवार को मकान मालिक कोर्ट का आर्डर और पुलिस को लेकर विद्यालय पहुंचे और विद्यालय का ताला तोड़ दिया। साथ ही वहां पर रखा सामान निकालकर फेंक दिया। इसके बाद विद्यालय भवन में मकान मालिक ने अपना ताला डाला दिया। इससे विद्यालय में शिक्षण कार्य नहीं हो सका।
इस मामले की सूचना देने के लिए विद्यालय की प्रधानाध्यापक राजकुमारी ने नगर शिक्षा अधिकारी मुन्नालाल त्रिवेदी से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। इस पर राजकुमारी ने नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर इस बाबत जानकारी देनी चाही तो त्रिवेदी वहां पर मौजूद नहीं मिले। एबीआरसी इमरान सईद खां और राजकुमारी ने इस मामले की जानकारी सरकारी वकील को भी दे दी।
आखिर कहां पढ़ेंगे 154 छात्र-छात्राएं?
प्राथमिक विद्यालय बिजलीपुरा में 154 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। यहां पर शिक्षामित्र कहकशां और राजुकमारी के साथ ही प्रधानाध्यापक राजकुमारी सहित तीन लोगों का स्टॉफ है। विद्यालय भवन खाली हो जाने से बच्चों की पढ़ाई पर संकट मंडरा गया है, क्योंकि इसके आसपास प्राथमिक विद्यालय अंटा और बाबूजई स्थित, जो करीब एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर हैं। वहां भी इस विद्यालय को शिफ्ट करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।