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यूक्रेन में फंसे सानी की वापसी के लिए जुमे की नमाज में दुआ को उठे हाथ

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यूक्रेन से आई अलाइना तिलहर में अपने घर पर परिजन के साथ । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए जिले के अधिकतर छात्र-छात्राओं की घर वापसी का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन खारकीव की यूनिवर्सिटी से निकलने के बाद भी महमंद जंगला निवासी मोहम्मद आसिफ का बेटा मोहम्मद सानी यूक्रेन का बॉर्डर पार नहीं कर पा रहा। भारतीय दूतावास से संपर्क नहीं हो पाने के कारण पिछले 24 घंटे में बेस्टोचीन के प्राइमरी स्कूल में ठहरा हुआ है। उसकी वतन में वापसी के लिए जुमे की नमाज के दौरान कई मस्जिदों में सामूहिक दुआ की गई। नमाजियों ने आमीन की सदा बुलंद की।
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यूक्रेन के हालात खराब होने के बाद जनपद के छात्र-छात्राएं किसी तरह बॉर्डर को पार कर रोमानिया पहुंच गए। खारकीव में भीषण युद्ध शुरू होने के कारण मोहम्मद सानी की वापसी का रास्ता साफ नहीं हो सका। सानी को लड़ाकू विमान, मिसाइल और बम की धमाकों की आवाज के बीच कई दिन तक हॉस्टल के बंकर में गुजारने पड़े। बुधवार सुबह को सानी ने अपने ग्रुप के साथ बंकर को छोड़ दिया और रेलवे स्टेशन पहुंच गया। वहां ट्रेन नहीं मिलने के बाद पैदल ही शांतिपूर्ण इलाके की ओर कूच कर दिया। 35 किलोमीटर पैदल चलने के बाद बेस्टोचीन के प्राइमरी स्कूल में उनका ग्रुप रुका है।
मोहम्मद आसिफ के पास शुक्रवार सुबह करीब दस बजे आए फोन पर सानी ने बताया कि वह जिस जगह पर है, वहां शांति है, लेकिन अब खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। खाने को कुछ नहीं रह गया। पानी भी खत्म होने लगा है। उसने बताया कि भारतीय दूतावास से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा। वहां से कोई मेसेज नहीं आ रहा। सानी ने बताया कि वहां से रूस करीब 97 किमी दूर है। बस का इंतजाम हो जाए तो बॉर्डर पार हो जाएंगे। बेटे की बात सुनकर परिजन बहुत चिंता में हैं। उन्हें कोई राह नजर नहीं आ रही है। इस बीच आसिफ ने अपने रिश्तेदारों से संपर्क साधकर विभिन्न मोहल्लों में सानी की घर वापसी के लिए जुमे की नमाज में दुआ कराई। परिवार के लोग भी बेटे के लिए वजीफा कर रहे हैं।
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अलाइना की वापसी पर जुमे में नमाज में अदा किया अल्लाह का शुक्रिया
तिलहर। डभौरा निवासी मोहम्मद सगीर की बेटी अलाइना भी शुक्रवार सुबह अपने घर लौट आईं। बेटी की वापसी के बाद पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। रिश्तेदार, शुभचिंतक सुबह से अलाइना का हालचाल लेने पहुंचने लगे। दोपहर में सगीर अहमद ने जुमे की नमाज पढ़ने के बाद अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। यूक्रेन की विनिस्तिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा अलाइना ने भी युद्धग्रस्त क्षेत्र से बाहर निकलने में कम दुश्वारियां सहन नहीं कीं। उसने बताया कि मिसाइल और बमों के धमाकों के चलते छात्र-छात्राएं काफी दहशत में थे।
ट्रेन न होने पर खुद ही बस की व्यवस्था कर रोमानिया तक पहुंचे। चार से पांच किमी तक पैदल बॉर्डर तक का रास्ता तय किया। अलाइना ने बताया कि यूक्रेन बॉर्डर पार करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जब तक यूक्रेन की जमीन पर कदम रहे, एक पल भी राहत की सांस नहीं ले पाए। बोली-यूक्रेन बॉर्डर पर अधिक भीड़ के चलते 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बॉर्डर बार-बार बंद कर देने से पार नहीं कर पा रहे थे। कई बार ऐसा मौका आया कि बॉर्डर से दस कदम दूर रह गए और गेट बंद कर दिया। इसके चलते फिर से नए सिरे से इंतजार करना पड़ा। रोमानिया पहुंचने के बाद काफी राहत की सांस ली। शुक्रवार सुबह घर पहुंची अलाइना को देखकर पिता सगीर अहमद, मां जुलैखा, भाई नासिर अहमद, बहन नूरी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सभी ने दोपहर में नमाज अदा कर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया।
पैदल चलने की वजह से पैरों में पड़ गए छाले, सहमी हुई है इफरा
शाहजहांपुर। बिजलीपुरा निवासी नगर पालिका परिषद की पूर्व सभासद नूर फातिमा व दिलशाद की बेटी इफरा रोमानिया से शुक्रवार सुबह घर लौट आईं। उसकी फ्लाइट दिल्ली में उतरी थी। एयरपोर्ट पर अम्मी और अब्बू को देखकर इफरा की आंखें भर गईं। थकान के कारण घर पर आते ही इफरा सो गईं। इस बीच रिश्तेदार और शुभचिंतक लगातार मिलने के लिए पहुंचते रहे।
विनिस्तिया की नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की छात्रा इफरा ने रोमानिया तक बस से सफर किया था। बस ने पांच किलोमीटर पहले ही उसे उतार दिया था। इसके बाद पैदल ही बॉर्डर तक पहुंची। वहां से रोमानिया होते हुए बृहस्पतिवार रात दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची। उसके बाद सुबह आठ बजे घर आ गई। दिलशाद ने बताया कि बेटी को यूक्रेन से बॉर्डर पार करने में काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ा।
पैदल चलने और बॉर्डर पर घंटों खड़े रहने के कारण इफरा के पैर सूज गए। उसके पैरों में छाले पड़ गए। बॉर्डर पर अपनी बारी का इंतजार करने के दौरान उसकी तबीयत खराब हो गई थी। अब भी उसकी तबीयत ठीक नहीं है। दिलशाद ने बताया कि यूक्रेन बॉर्डर पर वहां के लोगों के दुर्व्यवहार को देखकर बेटी काफी ज्यादा सहम गई थी। दूसरी तरफ इफरा की वापसी के बाद पूरा परिवार काफी खुश है।
दिल्ली से वापस आ रहा हर्ष
-मोहल्ला आनंदपुरम कॉलोनी निवासी गिरीश अवस्थी का बेटा हर्ष अवस्थी भी रोमानिया से वापस दिल्ली आ गया। वह ट्रेन के जरिये दिल्ली से वापस लौट रहा है। बेटे की वापसी पर परिजन काफी खुश है। उसके स्वागत के लिए काफी तैयारी की गई है।
हवाई जहाज में बैठा एहतेशाम
मीरानपुर कटरा निवासी एहतेशाम जाहिद रोमानिया से देश लौटने के लिए हवाई जहाज में सवार हो गया। उसने एयरपोर्ट के लिए जाते हुए वीडियो व हवाई जहाज के टिकट का फोटो भी परिजन को भेजा है। अपनी वापसी की खबर शुक्रवार को एहतेशाम ने अपने मामा रिजवान को दी। उसके बाद रिजवान दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि सुबह तक एहतेशाम घर आ जाएगा।।
दीपांशु और अभिषेक का नंबर आज आ सकता
आनंदपुरम कॉलोनी निवासी संजय वर्मा के पुत्र दीपांशु व अभिषेक का नंबर भी शनिवार को आ सकता है। दोनों यूक्रेन से पोलैंड पहुंच गए थे। 24 घंटे के बाद भी घर जाने के लिए उनका नंबर नहीं आ सका था। शुक्रवार दोपहर दीपांशु ने फोन कर परिजन को हौसला दिया। बताया कि वह सुरक्षित है। शनिवार तक उसकी वापसी हो सकती है।
हंगरी में ठहरा है पुलकित
जलालाबाद। नौसारा निवासी पुलकित भारद्वाज अभी हंगरी में ठहरे हुआ है। वहां छात्रों की अधिक संख्या होने के कारण वापसी का नंबर नहीं आ सका है। वहीं दूसरी तरफ मोहल्ला आंबेडकर निवासी शोभित कुशवाहा व उनकी चचेरी बहन साक्षी भी रूस से नहीं निकल पा रही है।

बिजलीपुरा निवासी इफ रा अपनी दादी को मिठाई खिलाते हुए। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

मोहम्मद सानी- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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