जिला पूर्ति कार्यालय में कामकाज की शैली और दफ्तर के हालात की हकीकत जानने शनिवार दोपहर डीएम कर्ण सिंह चौहान वहां अचानक जा पहुंचे। उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया तो पाया कि सिर्फ दो कर्मचारियों को छोड़कर शेष सभी अनुपस्थित हैं। यहां तक कि खुद जिला पूर्ति अधिकारी भी कार्यालय में नहीं थीं। सभी अनुपस्थितों का एक दिन का वेतन काटते हुए विभागीय कार्यों का संपादन सही से न करने व अभिलेखों का रखरखाव व्यवस्थित न होने पर दो लिपिकों को निलंबित करने के निर्देश दिया।
निरीक्षण में डीएम ने पाया कि कार्यालय में गंदगी पड़ी थी। कार्यालय के अंदर कक्षों की भी साफ सफाई नहीं पाई गई। तहसीलों में तैनात खाद्य निरीक्षकों और लिपिकों की उपस्थिति की जानकारी संबंधित एसडीएम से की तो पाया कि कई कर्मचारी अनुपस्थित हैं। उन्होंने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों के एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिये। जिला पूर्ति कार्यालय में कोई लिपिक उपस्थित न होने पर उन्हें फोन से बुलाया गया। संबंधित लिपिकों के कार्यों का निरीक्षण डीएम ने खुद किया। पाया कि जो पत्र डिस्पैच रजिस्टर पर चढ़ाकर भेजे जाते हैं, वह सही ढंग से नहीं चढ़ाये गये हैं और उसमें पत्रांक व विषय आदि का सही उल्लेख नहीं किया गया था। उन्होंने डिस्पैच पटल के लिपिक शाहिद अली खां के कार्यों को संतोषजनक न पाने पर निलंबित करने के निर्देश दिए। डिस्पैच रजिस्टर में उर्दू अनुवादक नफीस द्वारा दिया गया त्यागपत्र भी चढ़ा हुआ पाया गया। इस पर डीएम ने पत्रावली न चलाने की जानकारी की तो कोई लिपिक संतोषजनक उत्तर न दे सका। निरीक्षण के दौरान लिपिक राजकुमार के कार्यों का निरीक्षण करते हुए डीएम ने पाया कि उनके द्वारा मिट्टी के तेल आवंटन का जो पत्र जिला पूर्ति अधिकारी के हस्ताक्षर से पत्रांक 177 भेजा गया था, उसमें प्रतिलिपि डीएम को भी दर्शाई गई थी, बावजूद वह पत्र डीएम को भेजा ही नहीं गया था। उन्होंने मिट्टी तेल आवंटन के शासनादेश की प्रति मांगी तो वह नहीं दिखा सके। कार्यालय की गार्ड फाइल की जानकारी करने पर पाया कि उसमें अद्यतन शासनादेश या आदेश विधिवत नहीं लगे हैं। उचित दर की राशन दुकानों का निलंबन व बहाली आदेश जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा सीधे किया जाता मिला और जिलाधिकारी के संज्ञान में नहीं लाने की पुष्ट हुई। डीएम ने लिपिक राजकुमार का कार्य संतोषजनक न पाये जाने पर उन्हें भी निलंबित करने के निर्देश दिया। कार्यालय में कई राशनकार्ड धारक या आवेदक पहुंचे हुए थे। उन्होंने डीएम को बताया कि उनके मोहल्ले के कोटेदार द्वारा राशन नहीं दिया जा रहा है। इस पर डीएम ने उपस्थित दो खाद्य निरीक्षकों को निर्देश दिया कि वह शनिवार को ही जाकर इन शिकायतों की जांच करें और रिपोर्ट दें।
दूसरे दफ्तरों का भी होगा औचक निरीक्षण
डीएम ने जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्यालयों के अभिलेखों का रखरखाव, पृष्ठांकन सहित पत्रावली नंबर सहित हो रहे कार्यों के अभिलेखों को अपडेट रखें। कहा कि जिले के विभिन्न कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया जा सकता है। इसलिए सभी अधिकारी अपने कार्यालयों के अभिलेख नियमानुसार रखें।