रामनगर में भगवान सालिगराम और माता तुलसी का विवाह धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर राधा-कृष्ण मंदिर समेत पूरे मोहल्ले के घरों को बिजली की रंग-बिंरगी झालरों से सजाया गया। बारातियों ने गुलाबी पगड़ी बांधकर बारात की शोभा बढ़ाई।
मंदिर में माता तुलसी को लाल चुनरी ओढ़ाकर दुल्हन के रूप में सजाया गया। वहीं, भगवान सालिगराम को नोटों की माला पहनाकर दूल्हा बनाया गया। खुशी गोगिया और पलक ने राधा-कृष्ण के रूप में झांकी की शोभा बढ़ाई। इसके बाद बारात ने मोहल्ले का भ्रमण शुरू किया। महिलाओं और पुरुषों ने ढोलबाजे की धुन पर जमकर डांस किया। लगभग सभी घरों से बारातियों का स्वागत पुष्पवर्षा से किया गया और भगवान सालिगराम को प्रसाद अर्पित कर आरती उतारी गई। क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद मंदिर लौट आई।
रात में मंदिर पुजारी ने भांवरें डलवाकर वैवाहिक कार्यक्रम पूर्ण कराया। वर पक्ष की ओर से अशोक सचदेवा और वधु पक्ष की ओर से लाजपत बत्रा ने वैवाहिक रस्मों को अदा किया। इस अवसर पर एक कन्या का विवाह भी संपन्न कराया गया। समिति के लोगों ने कन्या का विवाह कराकर उसे उपहार भी प्रदान किए। सुभाष बत्रा, दिनेश गोगिया ने प्रसाद वितरित किया। आयोजन में राजमाता, रमन, अरुण चावला, लोकनाथ, मदन चावला, उमा रानी, संदीप कपूर आदि का योगदान रहा।
कृष्णा नगर मंदिर में बारात 26 को
कार्तिक पूर्णिमा पर श्री कृष्णा नगर मंदिर में माता तुलसी और भगवान सालिगराम का विवाह धूमधाम से मनाया जाएगा। मोहल्लेवासी वैवाहिक कार्यक्रम को भव्यता देने की तैयारियों में जुटे हैं। मंदिर कमेटी के प्रधान सुशील नारंग ने बताया कि इस आयोजन में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सात कन्याओं का विवाह भी रीति-रिवाज के अनुसार कराया जाएगा। बारात की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।