उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक प्रमोद कुमार ने शनिवार को सुबह यहां आकर स्थानीय स्टेशन के विभिन्न अनुभागों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान रेलवे ट्रैक के अनुरक्षण में लापरवाही पाए जाने पर डीआरएम ने स्टेशन अधीक्षक समेत अन्य अफसरों से कड़ी नाराजगी जाहिर की। बाद में उन्होंने रोजा रेलवे साइडिंग और पं. रामप्रसाद बिस्मिल नगर स्टेशन जाकर वहां की व्यवस्थाएं जांचीं।
डीआरएम फिरोजपुर से चलकर धनबाद जाने वाली 13308 डाउन किसान एक्सप्रेस में जुड़े विशेष सैलून से सुबह 9.45 बजे यहां पहुंचे। उनके साथ मुरादाबाद मंडल के रेलवे से जुड़े विभिन्न अनुभागों से जुड़े अन्य अधीनस्थ अधिकारियों की टीम यहां पहुंची। स्थानीय रेल अधिकारियों को शुक्रवार रात ही डीआरएम के यहां आने का मैसेज मिल गया था। इसलिए उनके यहां पहुंचने से पहले स्टेशन पर सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं पहले से चाक-चौबंद कर ली गई थीं।
सैलून से उतरते ही मंडलीय अधिकारियों की टीम के साथ डीआरएम सीधे पॉवर केबिन पहुंचे और वहां के लीवर समेत अन्य मशीनरी चेक कराई। वहां से सीधे पश्चिमी केबिन के आगे होम सिगनल के पास उस जगह पहुंचे, जहां लाइन नंबर एक और दो का मिलान होता है। क्रॉस ओवर पर दोनों पटरियों के बीच उगी घास और दोनों ट्रैक पर कई जगह पटरियों के जोड़ के पास नट-बोल्ट ढीले पाए जाने पर डीआरएम ने साथ चल रहे स्टेशन अधीक्षक एके गौतम, सहायक मंडल अभियंता रामेश्वर और रेल पथ अनुभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर से नाराजगी व्यक्त की।
डीआरएम ने कहा कि रेलवे यात्रियों समेत ट्रेनों की सुरक्षा और संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इसलिए ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही अक्षम्य होगी। वहां से कड़ी धूप के बावजूद डीआरएम पैदल मार्च करते हुए प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंचे। वहां वाटर पोस्ट में प्रेशर वाली टोंटियां लगी देख उन्हें बदलकर चाबी वाली टाेंटियां लगवाने के निर्देश दिए, जिससे कि यात्रियों को पानी लेने में दिक्कत नहीं हो।
फुट ओवरब्रिज से एक नंबर प्लेटफार्म पर पहुंचे डीआरएम ने प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय, वातानुकूलित यात्री विश्रामालय, स्टेशन अधीक्षक कार्यालय, टीसी ऑफिस और द्वितीय श्रेणी विश्रामालय का निरीक्षण किया। इन सभी जगह स्थिति सामान्य पाए जाने पर उन्होंने मुख्य द्वार से बाहर निकलकर रेलवे कैंपस में सफाई, पार्किंग और टिकट वितरण व्यवस्था चेक की। उन्हाेेंने ट्रेनों की स्थित बताने वाले डिस्प्ले बोर्ड बंद पाए जाने पर उन्हें चालू कराने के निर्देश दिए। वहीं टिकट लेकर निकले यात्री से टिकट लेकर उसकी जांच कराई। बाद में डीआरएम अधीनस्थों के साथ रोजा जंक्शन रवाना हो गए।
स्टेशन को जल्द मिलेगी स्वचालित सीढ़ियों की सौगात
शाहजहांपुर। देश के बड़े स्टेशनों की तरह ए-1 ग्रेड में शुमार उत्तर रेलवे के स्थानीय स्टेशन को एस्कलेटर्स अर्थात स्वचालित सीढ़ियों की सौगात जल्द मिलेगी। शनिवार को सुबह मुरादाबाद से अन्य अधीनस्थ मंडलीय अधिकारियों के साथ यहां पहुंचे मंडल रेल प्रबंधक प्रमोद कुमार ने स्वचालित सीढ़ियां स्थापित कराने के लिए एक नंबर प्लेटफार्म से मालगोदाम साइड में खुलने वाले फुट ओवरब्रिज का मेजरमेंट कराया।
दरअसल, एक नंबर प्लेटफार्म पर जीआरपी थाना के पास बना फुट ओवरब्रिज स्वचालित सीढ़ियां लगाए जाने के लिहाज से कम चौड़ा है। उन्होंने अपने सामने फीता लगवाकर नाप कराई तो मौजूदा ओवरब्रिज की चौड़ाई एस्कलेटर्स की तुलना में कम पाई। ओवरब्रिज की चौड़ाई बढ़ाए जाने की दशा में सामने पड़ रहे टेक्नीशियन ऑफिस के बारे में अधीनस्थों ने सुझाव दिया कि निर्माण कार्य शुरू होने पर इस कार्यालय को स्टेशन कैंपस में अन्यत्र स्थानान्तरित करा दिया दिया जाएगा।
बाद में एसएस ऑफिस के विश्राम गृह में अमर उजाला से बातचीत करते हुए डीआरएम ने बताया कि स्थानीय स्टेशन पर एक नंबर प्लेटफार्म और दूसरी साइड के लिए दो एस्कलेटर एक अन्य स्टेशन से जुटा लिए गए हैं। उन्होंने माना कि मौजूदा फुट ओवरब्रिज एस्कलेटर्स के लिहाज से कम चौड़ा है। उन्होंने कहा कि एस्कलेटर लगाने के लिए वर्तमान फुट ओवरब्रिज की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी या फिर वहीं पर दूसरा फुट ओवरब्रिज बनवाया जाएगा, लेकिन इस काम में थोड़ा वक्त लग सकता है।
उन्होंने बताया कि रेलों के सुरक्षित परिचालन के लिए रेल मुख्यालय के निर्देश पर शुरू किए गए एक माह के सेफ्टी अभियान के तहत मंडल के सारे क्रॉस ओवर की जांच की जा रही है। मालगोदाम साइड में नए प्लेटफार्म की संभावना के बारे में पूछे जाने पर डीआरएम ने कहा कि स्टेशन के दूसरी साइड में प्लेटफॉर्म बनाने के साथ पैसेंजर इंट्री गेट खोलने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और इस बारे में जल्द ही प्रस्ताव बनाकर रेल मुख्यालय भेजा जाएगा।
रोजा साइडिंग पर बनेगा प्लेटफार्म, बिछेगी एक अतिरिक्त लाइन
रोजा। रेलवे साइडिंग की लाइन संख्या एक पर प्लेटफार्म बनाने और एक अतिरिक्त लाइन बिछाने के आदेश मंडल रेल प्रबंधक प्रमोद कुमार ने दिये हैं। साथ ही रेलवे साइडिंग की सुविधाओं को तत्काल पूरा करने के निर्देश भी दिया है।
यहां की लाइन संख्या एक पर प्लेटफार्म को खस्ताहाल देख डीआरएम पारा हाई हो गया। पूल प्रभारियंों को तत्काल रिपोर्ट भेजकर 15 सिंतबर से काम करने का आदेश दिया। साइडिंग की लाइन संख्या एक से खादान्न सीमेन्ट ओर खाद की लोडिंग अनलोडिग होती है जिससे हरसाल करोड़ों रुपयों का रेलवे को राजस्व मिलता है। प्लेटफार्म न होने के कारण यहां ट्रकों के अवागमन में काफी कठिनाइयां होती हैं। बरसात में यहां जलभराव होने से कारेबार प्रभावित होता है। स्टेषन अधीक्षक जेपी सिंह ने बताया कि प्लेटफार्म बनने के दशा में तब तक साइडिंग का काम बाकी तीन अन्य लाइनों से किया जायेगा।