शाहजहांपुर। त्योहार का मौसम आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। खाद्य पदार्थों में हानिकारक पदार्थ मिलाकर बेच देते हैं। ऐसे में बाजार में देखभाल कर ही सामान खरीदें। मिलावटी सामान से सेहत बिगड़ी तो होली की खुशियां फीकी हो सकती हैं।
पिछले वर्ष खाद्य एवं औषधि विभाग ने जिले में 489 नमूने लिए थे। इनमें 405 की अब तक जांच रिपोर्ट आई है। 262 नमूने फेल हुए हैं। इनमें 57 स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए। वहीं, 168 अधोमानक निकले, जिनमें हानिकारक पदार्थ मिलाए गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि जनवरी 2023 में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बरेली मोड़ पर दूध विक्रेता सुधीर के पास से दूध का नमूना लिया था। जांच के बाद आई रिपोर्ट में आया कि दूध में डिटर्जेंट मिलाया गया है।
अक्तूबर 2023 में बरेली मोड़ स्थित एक प्रोविजन स्टोर से खाद्य विभाग की टीम ने नमकीन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में पता लगा कि नमकीन में शरीर में लगाने वाला रंग मिला है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नवंबर में मीरानपुर कटरा स्थित एक ट्रेडिंग कंपनी से चिली सॉस का नमूना लिया था। जांच रिपोर्ट में चिली सॉस में प्रतिबंधित रंग पाया गया था। यह स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है।
मार्च में अब तक 42 नमूने लिए जा चुके
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम 10 मार्च से दुकानों में खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है। अब तक विभाग ने संदेह के आधार पर 42 नमूने लिए हैं। इसमें सरसों को तेल, बेसन, रंगीन कचरी, पापड़, खोया, मसाले, धनिया पाउडर, मिर्च, दूध, पनीर आदि के नमूने लिए हैं, जिनको जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
होली के पर्व पर विभाग की ओर से मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। संदेह के आधार पर वस्तुओं का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
- चंद्रशेखर मिश्रा, सह आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग