बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों पर राज्य पोषण मिशन के तहत कुपोषित बच्चों के सर्वे कार्य में ढिलाई बरते जाने पर डीएम शुभ्रा सक्सेना सोमवार को विभागीय अफसरों पर जमकर बरसीं। सीडीपीओ और सुपरवाइजरों की बैठक में उन्होंने सर्वे के लिए संवर्धन प्रोजेक्ट की शुरुआत करके 25 से 27 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की लंबाई और वजन मापने के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में बैठक के दौरान डीएम का मूड उखड़ गया जब मिशन के अब तक के कामों की समीक्षा किए जाने पर कुपोषित बच्चों के बारे में सीडीपीओ और सुपरवाइजर मांगी गईं जानकारियां नहीं दे पाईं। इस पर डीएम ने उन्हें कर्मठता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि अपना काम ईमानदारी से करके चार धाम यात्रा जैसा पुण्य हासिल हो सकता है। सरकार भी कुपोषण थामने को मां जैसी भूमिका निभा रही है। इसलिए मिशन तभी पूरा होगा, जब सभी लोग तन्मयता से जुटेंगे।
डीएम ने बच्चों का वजन मापने के लिए डीपीओ बुद्घि मिश्रा को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर वेइंग मशीन पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह काम ठीक तरह से कराने के लिए आंगनबाड़ी कर्मचारियों और सहायिकाओं को समूहों में बांटकर प्रशिक्षित करने पर जोर देते हुए कहा कि कोई बच्चा सर्वे में छूटने नहीं पाए। उन्होंने कहा कि सर्वे में तमाम कुपोषित बच्चे मिलने की संभावना है, लेकिन इससे घबराकर तथ्य छिपाने के बजाय सही आंकड़े दें। बैठक में प्रभारी सीडीओ पीपी त्रिपाठी, संवर्धन प्रोजेक्ट की नोडल अफसर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी आदि अधिकारी मौजूद रहे।