कोटेदारों पर सख्ती-सत्ताधारियों से अनबन में हटीं डीएम पुष्पा!
जिले में सियासी लोगों और सत्ताधारियों की अनसुनी कर सीधे जनता की सुनने वाले विजय किरन आनंद महज 42 दिनों में शाहजहांपुर के डीएम पद से हटाए गए तो उसके बाद डीएम बनीं पुष्पा सिंह भी 104 दिन ही रह पाईं। रविवार रात उनके भी हटाए जाने का आदेश जारी हो गया। अपने तबादले पर यह अवाक नहीं हुईं और कहा कि यह तो रूटीन है। बेसिक शिक्षा में कोताही बरतने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई और खाद्यान्न वितरण में अपात्रों को पात्र बताकर खेल कर रहे कोटेदारों पर लगातार नकेल एवं सत्ताधारी दल के लोगों से हाल के दिनों में हुई अनबन तबादले की मुख्य वजह मानी जा रही है। हालांकि इस बारे में कोई खुलकर कुछ नहीं कह रहा, लेकिन डीएम पुष्पा सिंह के हटने की सूचना मिलने से इन्हीं तीन खेमों में सबसे ज्यादा हर्ष की लहर देखी गई।
वाराणसी में बतौर डीएम भेजे गए विजय किरन आनंद को लोग यहां से जाने नहीं देना चाहते थे। उनके ज्वाइनिंग लेने वाराणसी जाते वक्त बड़ी संख्या में लोगों ने डीएम आवास और कार्यालय घेर लिया था। तब डीएम विजय ने, सरकारी सेवा में ऐसे अवसर बहुत कम आने की बात कहकर, पिछले दरवाजे से निकलकर वाराणसी के लिए ट्रेन पकड़ी थी। इसके बाद इस साल दिसंबर में रिटायर होने जा रहीं डीएम पुष्पा सिंह ने 17 मई को चार्ज संभाला था। जनता में पूर्ववर्ती डीएम की छवि को धूमिल न पड़ने देने की चुनौती पर डीएम पुष्पा सिंह अपने अंदाज में खरा उतरने में जुटी रहीं। स्वच्छता अभियान को जस का तस जारी रखा। नियमित जनसुनवाई के साथ सरकारी दफ्तरों की औचक चेकिंग कर वहां भी जनता का काम सुचारु कराया।
जिला अस्पताल हो या सुदूर इलाके के समग्र गांव अथवा सीएचसी या पूर्ति कार्यालय, सभी में औचक निरीक्षण कर सबको दफ्तर में समयबद्ध रहकर जनता के काम को करने लायक माहौल बनाया। इसी क्रम में सत्ता के गलियारों से आने वालों की भी बात सुनती रहीं और नियम-कायदों की कसौटी पर खरे न उतरने वाली बातों को वह दरकिनार भी करती रहीं। यहीं से मामला तब बिगड़ने का खुला संकेत मिला जब गत दिनों सपा जिलाध्यक्ष और नगरपालिका परिषद चेयरमैन उनके कार्यालय में दोपहर के समय पहुंचे और अपने समर्थकों की समस्याओं को तुरंत निस्तारित करने को कहा। नियमों के तहत वह कर पाने में डीएम ने खुद को असमर्थ बताया तो जिलाध्यक्ष के समर्थकों ने कार्यालय में बैठकर घेराव करने तक की बात कही थी। तब यह मामला और भी सुर्खियों में आया जब सपा नेताओं ने बैठक कर डीएम की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी।