डीएम के स्वाइन फ्लू से पीड़ित होने के बाद ही जिले में स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू की दवा मंगाई। सीएमओ ने स्पेशल मैसेंजर भेजकर बुधवार को इस रोग से पीड़ित मरीज को दी जाने वाली टैमी फ्लू 75 मिलीग्राम की दो सौ टेबलेट मंगवा ली हैं। इन्हें जिला अस्पताल के स्टोर में रखवा दिया गया है। वहीं इसके लिए बनाया गया वार्ड भी बंद पड़ा रहता है।
सेहत महकमे की लापरवाही का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि पूरे देश में स्वाइन फ्लू के प्रकोप के चलते एलर्ट जारी है। बावजूद इसके बुधवार की दोपहर तक टैमी फ्लू की एक भी टेबलेट नहीं थी। इस संबंध में जब जिला अस्पताल के डॉक्टरों से पूछताछ की गई तो उन लोगों ने बताया कि टैमी फ्लू के लिए आर्डर भेजा जा चुका है, जल्द ही आने की संभावना है।
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए जिला अस्पताल में बनाए गए वार्ड में भी ताला लटका रहता है। विभागीय सूत्रों की माने तो टैमी फ्लू की एक हजार टेबलेट की मांग की गई थी, लेकिन केवल दो सौ की आपूर्ति की गई है।
संभावित मरीजों पर रखी जा रही नजर
जिला अस्पताल के डॉ. एमएल अग्रवाल का कहना है कि स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले मरीज के फेफड़ों में तेज निमोनिया हो जाता है। इससे उसे सांस नहीं मिल पाती है, जिससे मरीज की मौत हो जाती है। बताया कि इस बीमारी से निपटने के लिए वार्ड को तैयार करके रखा गया है। साथ ही इस बीमारी से संबंधित लक्षणों वाले मरीजों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे संभावित मरीजों के ब्लड की जांच भी कराई जा रही है। कहा कि अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं आया है।
‘बुधवार को लखनऊ में एक कर्मचारी को भेजकर टैमी फ्लू की टैबलेट, एप्रेन, मॉस्क आदि चीजें जिला अस्पताल में मुहैया करा दी गई हैं, जिससे किसी मरीज के स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर तुरंत इलाज कराया जा सके।’
- उमेश यादव, सीएमओ
डीएम के जल्द स्वस्थ होने की कामना
शाहजहांपुर। मेडिकल डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन की बुधवार को हुई बैठक में स्वाइन फ्लू से पीड़ित डीएम के जल्द स्वस्थ होने की कमना की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसोसिएशन के सचिव डॉ. लियाकतउल्ला खां ने कहा कि रोग के लक्षणों के प्रति जागरूकता और पौष्टिक भोजन लेकर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है। इस मौके पर संस्था से जुड़े डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय किया। बैठक में डॉ. मो. शाहजेब खां, डॉ. शमीम खां, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. इस्मानुल हक, डॉ. फैरुल अंसारी आदि मौजूद रहे।
लखनऊ से स्वाइन फ्लू लेकर आईं डीएम
शाहजहांपुर। डीएम को स्वाइन फ्लू का संक्रमण यहां नहीं, बल्कि लखनऊ से वह यह वायरस लेकर आईं। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों डीएम रिश्ते की बहन को देखने के लिए लखनऊ गई थीं। बताया गया कि उनकी बहन पहले से ही स्वाइन फ्लू की चपेट में थीं। उनके संपर्क में रहने से 48 घंटे बाद डीएम को भी स्वाइन फ्लू वायरस ने घेर लिया।
अफसरों में खौफ, लेकिन छिपाने की कोशिश
डीएम के स्वाइन फ्लू की चपेट में आ जाने से प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी खौफजदा हैं। उनकी बातों से ऐसा जाहिर भी होता है। यह अलग बात है कि अफसर इस बीमारी को लेकर मन में बैठे डर को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में किसी अधिकारी ने स्वाइन फ्लू के संदेह में परीक्षण नहीं कराया। एक अफसर केअनुसार ‘उन्होंने सुन रखा है कि स्वाइन फ्लू के मरीज से बोलना नहीं चाहिए।’ खास यह भी रहा कि बुधवार को यहां से डीएम को देखने कोई अधिकारी बरेली नहीं पहुंच पाया। हालांकि, इसका कारण जानने पर हर किसी ने अपनी कार्यगत व्यस्तता का हवाला दिया।