यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही शिक्षा माफिया की करतूतें सामने आने लगी हैं। बुधवार को अपरान्ह डीआईओएस कार्यालय में कुछ छात्राएं पहुंचीं और उन्होंने डीआईओएस से एक शिक्षा माफिया पर प्रवेश पत्र देने के एवज में दो-दो हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। चूंकि परीक्षा बृहस्पतिवार से शुरू हो रही है, लिहाजा डीआईओएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा माफिया को जैसे-तैसे अपने कार्यालय में ही बुला लिया। बाद में पुलिस भी बुला ली गई, लेकिन माफिया द्वारा लिखित में पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के बाद उसके अभिलेख जमाकर भगा दिया गया। उधर, डीआईओएस ने संबंधित एक इंटर कॉलेज की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। इस बीच शिक्षा माफिया के समर्थन में ‘बुद्धिजीवियों’ के फोन भी अधिकारी के पास आने शुरू हो गए थे।
हुआ यूं तहसील सदर के बरेली मार्ग स्थित गांव मौजमपुर की रुचि, नीलम, गुड्डी और रचना ने डीआईओएस राकेश कुमार को बताया कि उनके गांव में भेदपुर के विनोद कुमार वर्मा ने नसवा पब्लिक स्कूल खोल रखा है। उन्होंने सभी से इंटर परीक्षा के लिए छह-छह हजार रुपये वसूल किए थे, आज जब वह प्रवेश पत्र लेने गईं तो उसने दो-दो हजार रुपये और मांगे गए। डीआईओएस ने विनोद कुमार वर्मा का मोबाइल नंबर लेकर उसे अपने कार्यालय में ही बुला लिया। विनोद का कहना है कि वह राष्ट्रीय जन चेतना आश्रम नामक एक ट्रस्ट चलाता है। उसने स्वीकार किया वह छात्र-छात्राओं के नाम किसी दूसरे कॉलेज में लिखवाकर उनकी पढ़ाई अपने यहां कराता है।
जिन छात्राओं ने शिकायत की है, उनके प्रवेश पत्र तहसील जलालाबाद के बृजपाल सिंह इंटर कॉलेज हरिहरपुर के बने हुए हैं और उनका सेंटर राजा एके सिंह इंटर कॉलेज परौर है। डीआईओएस ने विनोद से चारों छात्राओं के अलावा कुलदीप कुमार नामक एक परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र लेकर शेष संबंधितों को बांट दिए और विनोद से प्राप्त उसके रजिस्टर आदि अभिलेख जब्त कर लिए। डीआईओएस ने बृजपाल सिंह इंटर कालेज की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं।