शाहजहांपुर। दूरस्थ शिक्षा प्रणाली ने लोगों की पढ़ाई को आसान कर दिया है। कई तरह के लाभ होने से इसके प्रति रुझान बढ़ा है। इसके चलते पूर्व के मुकाबले विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
एसएस कॉलेज में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन का इलाहाबाद विश्वविद्यालय का सेंटर चलता है। इस दूरस्थ शिक्षा के सेंटर पर एमए के हिंदी, अंग्रेजी, सोशलॉजी, एजुकेशन, जर्नलिज्म, कंप्यूटर, न्यूट्रीशन समेत कई पाठ्यक्रमों के प्रवेश लिए जाते हैं। इस वर्ष यहां पर 50 से ज्यादा विद्यार्थी पंजीकृत हैं। पिछले वर्ष 35 से 40 ही थे।
शिक्षकों का कहना है कि डिग्री कॉलेजों में संस्थागत तौर पर प्रवेश लेने और रोज कक्षाओं में नहीं आने वाले विद्यार्थी दूरस्थ शिक्षा को बेहतर मानते हैं। इसमें अधिकतर नौकरीपेशा होते हैं। फॉर्म भरने के बाद उन्हें किताबें भी संस्थान ही उपलब्ध कराता है। इसलिए लोग दूरस्थ शिक्षा पर ज्यादा विश्वास करते हैं। एसएस कॉलेज में ही दूरस्थ शिक्षा के दो सेंटर चल रहे हैं, जबकि तहसील स्तर पर भी कॉलेजों में सेंटर स्थापित हैं।
कोऑर्डिनेटर डॉ.अजीत सिंह चारग ने बताया कि शिक्षा का परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है और इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण विकास दूरस्थ शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का आकर्षण है। प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।