खुटार कस्बे में पुवायां हाईवे के किनारे स्थित बुद्धा पार्क की जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। नलकूप विभाग ने इस जमीन को अपनी बताया। वहीं पार्क कमेटी का कहना है कि जब यह जमीन नलकूप विभाग की है तो 1995 में प्रतिमाएं क्यों स्थापित करने दी गई थीं।
शाहजहांपुर जिले में खुटार कस्बे में पुवायां हाईवे के किनारे पांच एकड़ भूमि है। यहां वर्ष 1995 में पार्क की जगह पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर व भगवान बुद्ध की प्रतिमा गांव रसवां कलां के प्रधान की ओर से स्थापित कराई गई थी। वर्ष 2008 में चहारदीवारी बनवाई गई थी। बाद में कुछ लोगों ने बुद्धा पार्क की भूमि बताते हुए एक कमेटी भी गठित कर ली थी। अब तहसील प्रशासन ने पार्क की भूमि की जांच और पैमाइश कराई तो राजस्व अभिलेखों में जमीन नलकूप खंड के नाम दर्ज मिली।
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राजस्व विभाग से रिपोर्ट मिलने के बाद मंगलवार को नलकूप खंड सिंचाई विभाग प्रथम शाहजहांपुर के सहायक अभियंता नरोत्तम दिवाकर के नेतृत्व में कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पार्क को निगरानी में लेते हुए नलकूप खंड की संपत्ति बताते हुए गेट पर बोर्ड लगा दिया है। नरोत्तम दिवाकर ने बताया कि भूमि नलकूप खंड प्रथम की है, इस कारण जमीन पर कब्जा लिया गया है।
बुद्धा पार्क कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है कि यदि सिंचाई विभाग के नलकूप खंड की जमीन थी तो वर्ष 1995 में प्रतिमाएं क्यों स्थापित करने दी गई थी। चहारदीवारी का निर्माण क्यों होने दिया गया था। कमेटी के लोग आंदोलन करेंगे।