शाहजहांपुर में पुराने जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने को लगी भीड़। संवाद
शाहजहांपुर। प्रत्येक सोमवार को लगने वाले कैंप में दिव्यांगों को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जूझना पड़ता है। उनके बैठने के लिए पर्याप्त सीटें तक नहीं हैं। डॉक्टर पंखे में बैठकर मरीज देख रहे, जबकि दिव्यांग गर्मी में जूझने के लिए मजबूर हैं।
पुराने जिला अस्पताल में सोमवार को लगने वाले कैंप में दूर-दराज से दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आते हैं। पूर्व में सीएमओ कार्यालय के पास में दिव्यांगों की जांच होती थी। सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा ने सभागार में व्यवस्था कर दी थी, ताकि दिव्यांगों को दुश्वारी न पेश आए। गर्मी आते ही दिव्यांगों के लिए प्रमाणपत्र बनवाना आसान कार्य नहीं रह गया।
सौ से डेढ़ सौ लोगों के आने के चलते दिव्यांगों को बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। यहां पर पड़ी कुर्सियां पर्याप्त नहीं हैं। पहले आने वाले तो सीटों पर बैठ जाते हैं, शेष को जमीन में बैठकर इंतजार करना पड़ता है। सभागार में डॉक्टर और मरीजों के लिए पंखे लगे हैं, लेकिन उसके बाहर जहां पर दिव्यांग अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
वहां कोई पंखा तक नहीं लगा है। भीषण गर्मी में उन्हें दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ रहा है। वे पेड़ और छज्जे के नीचे चबूतरों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। इसके अतिरिक्त वहां पर पानी तक का इंतजाम नहीं किया। एक मात्र हैंडपंप के सहारे दिव्यांगाें को छोड़ दिया गया। एक ओर अधिकारी एसी कमरे में बैठकर कार्य निपटा रहे हैं। दूसरी ओर दिव्यांगाें को गर्मी से राहत पाने को पंखा और पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
पानी के लिए वाटर कूलर रखवाने के लिए संबंधित को निर्देशित किया था। पंखे की व्यवस्था भी जल्द ही करा दी जाएगी, जिससे दिव्यांगों को दिक्कत नहीं आए।
-डॉ. मोहम्मद आसिफ, एसीएमओ