शाहजहांपुर में सर्दी से बचने के लिए शाल ओढकर जाती महिलाएं । संवाद
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शाहजहांपुर। बीते दिन मामूली धूप निकलने के बाद सूर्यास्त से पहले आसमान बादल और कोहरा की धुंध से ढकने लगा। रात नौ बजे तक इतना घना कोहरा छा गया कि वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और सड़को पर दृश्यता 60 से 70 फीसदी घट गई। मंगलवार को सुबह सूर्योदय के कई घंटे बाद तक घना कोहरा छाए रहने से जनजीवन ठहरा रहा। कोहरा के कारण रात में न्यूनतम तापमान भी 1.8 डिग्री घटकर 7.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। हालांकि, दोपहर बाद हल्की धूप निकलने से दिन में अधिकतम तापमान 3.5 डिग्री बढ़कर 18.5 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन शीतलहर से ठिठुरन में कोई कमी नहीं आई।
बीते दिन सुबह से शाम तक बादल छाए रहने के साथ वातावरण पर कोहरा भी हावी रहा। नतीजा यह हुआ कि सूर्यास्त के बाद से कोहरा की परत फिर से गाढ़ी होने लगी। रात आठ बजे के बाद धुएं की तरह कोहरा की धुंध नीचे उतरी तो वातावरण में गलन के साथ ठिठुरन भी पैदा हो गई क्योंकि सर्द हवा भी चलती रही। इस कारण बाजारों में लोगों की आवाजाही घटी तो दुकानों के शटर भी जल्दी गिरने लगे। सुबह लोग बिस्तर छोड़कर घरों से बाहर निकले तो चारों ओर इतना घना कोहरा छाया मिला कि 20 से 30 मीटर आगे का दिखना कठिन हो गया।
सूर्योदय के तीन-चार घंटे बाद भी यही हालात बने रहे। इस कारण सड़कों पर वाहनों का संचालन भी धीमा पड़ गया। दिन में 11 बजे के बाद सड़कों पर वाहनों का आवागमन शुरू होने से कोहरा छटने लगा, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरा की धुंध दिन भर बनी रही। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार आज सुबह की तुलना में बैरोमीटर सूचकांक बढ़कर सामान्य से करीब दस अंक अधिक हो गया। इस कारण उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा का वेग बढ़ने के अनुपात में शीतलहर का प्रकोप भी बढ़ने के आसार हैं और कोहरा में कमी आने के अभी कोई संकेत नहीं हैं।