पुवायां के मजीदपुर में कप्तान सिंह के परिजनों को समझाती विधायक और सीओ। संवाद
पुवायां। गांव मजीदपुर के प्रधान मंगू सिंह के भाई कप्तान सिंह की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। बाद में तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा और सीओ प्रवीण मलिक के समझाने पर 24 घंटे बाद अंतिम संस्कार किया गया।
कप्तान सिंह की 29 अप्रैल की रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उनका शव गांव भटपुरा चंदू के पास शाहजहांपुर पलिया हाईवे पर पड़ा मिला था। कप्तान सिंह की बाइक पड़ी मिली थी और पास में एक बोलेरो गाड़ी भी खड़ी थी। पुलिस इसे सड़क हादसे का मामला मान रही थी। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव को थाने ले आए थे और आरोप लगाया था कि कप्तान काे 29 अप्रैल को सिंधौली के गांव लधोली के नितिन ने कॉल कर बुलाया था। इसके बाद कप्तान सिंह की हत्या कर दी गई। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। परिजन शव को घर ले आए थे।
शुक्रवार को परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तार होने के बाद ही अंतिम संस्कार की बात कहना शुरू कर दिया। जानकारी पाकर विधायक सलोना कुशवाहा और सीओ प्रवीण मलिक के साथ ही बंडा और पुवायां के थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया, लेकिन परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए।
परिजनों ने लोहे की राॅड और एक मोबाइल पुलिस को देकर बताया कि दोनों चीजे घटनास्थल पर खड़ी बोलेरो से मिली हैं। एक गवाह भी पुलिस के सामने लाकर बताया कि घटना के समय वह कप्तान के साथ था। हत्या करने के लिए कप्तान को बोलेरो से टक्कर मारी गई है।
काफी देर तक समझाने के बाद परिजन माने और 24 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज है। परिजनों को समझाया गया है कि मामले में जांच कर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।