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Shahjahanpur News: बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर बजरी-कोलतार उखड़ने से पड़ीं गहरी दरारें

Fri, 10 Jan 2025 12:35 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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अल्हागंज क्षेत्र में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे से उखड़ रही बजरी व कोलतार। संवाद
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अल्हागंज। बरेली-फर्रुखाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह दरारें पड़ने से वहां कोहरे के दौरान हादसे होने की आशंका बढ़ गई है। हाल ही में हुए चौड़ीकरण के बाद हाईवे के दरकने से उसके निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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बरेली, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद और बदायूं को जोड़ने वाले हाईवे के हुल्लापुर चौराहे पर भी सुरक्षित यातायात के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। पीलीभीत के असम चौराहे से कटरा व जलालाबाद होकर मैनपुरी तक 183 किमी लंबे हाईवे का गत वर्ष चौड़ीकरण कार्य पूरा हुआ था। हाईवे 28 मीटर चौड़ा होने के बाद उस पर वाहनों की रफ्तार भी बढ़ गई है, लेकिन कई जगह दरारों से गड्ढे हो चुके हैं।
हुल्लापुर में पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर बड़ी दरार बन जाने से राहगीरों, विशेष कर दोपहिया वाहन चालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय बस अड्डा के सामने तथा आस-पास भी कई गहरी दरारें हैं।
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आवागमन के लिहाज से बेहद व्यस्त हाईवे का हुल्लापुर चौराहा सर्वाधिक असुरक्षित हो गया है। वहां न तो हादसों की रोकथाम के लिए गोल चक्कर बनाया गया और न ही रेडियम रिफ्लेक्टर वाले संकेतक लगाए गए है। एसबीआई शाखा के सामने दो जगह हाईवे पर इतनी गहरी दरारें हैं कि वहां सड़क का पुराना हिस्सा भी दिखने लगा है। वहां एक जगह हाईवे का एक किनारा भी धंस चुका है। हाईवे की नगर क्षेत्र में लगीं लाइटें भी शोपीस बनी हुई हैं।
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हाईवे के इन ठिकानों पर आए दिन हो रहे हादसे
0 फतेहपुर मोड़: अल्हागंज-हुल्लापुर चौराहे के बीच फतेहपुर मोड़ पर अक्सर हादसे होते हैं। इसके बावजूद वहां कोई संकेतक नहीं लगा है, जो हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को गांव का मोड़ बता सके। हाल ही में सड़क पार कर रहे इसी गांव के एक व्यक्ति की हादसे में मौत हो चुकी है।
0 सुगसुगी मोड़: यहां भी संकेतक अभी तक नहीं लगाया गया। सुगसुगी की पुलिया के पास गंगा स्नान को जा रहे मदनापुर के दमगड़ा गांव के टेंपों पर सवार एक दर्जन लोगों की मौत को लोग अभी तक भूले नहीं हैं।
0 गुरदासपुर मोड़: हाईवे के स्थानीय बाईपास से कुछ दूर इस मोड़ के आसपास अक्सर हादसे होने से यहां स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की जरूरत है। लोगों के अनुसार वहां दुर्घटना बहुल क्षेत्र का बोर्ड लगाना जरूरी हो गया है। इसी जगह हाल ही में मोहल्ला बगिया निवासी बाइक सवार दो सगे भाई व एक बहन की मौत हो चुकी है। इसी मोहल्ले के रिंकू को भी इस मोड़ के पास हादसे में अपनी जान गंवानी पड़ी।
0 उप मंडी स्थल का गेट: यहां किसानों और कारोबारियों सी हर समय भीड़ रहती है। इसलिए मंडी के सामने वाहनों की रफ्तार पर रोक को गति सीमा का बोर्ड लगाना जरूरी हो गया है। कुछ माह इसी जगह हाईवे को पार कर रहे चौरसिया गांव के एक युवक की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी।
0 ठिंगरी गांव: हाईवे के दोनों तरफ गांव बसा है। यहां हाईवे ऊंचा व घर नीचे बने हुए हैं। इसलिए हाईवे से निकलते वाहन अक्सर ग्रामीणों को दिखाई नहीं देने से हादसे हो जाते हैं। इस जगह पिछले दिनाें विद्यालय की छुट्टी के बाद घर जा रही आठ साल की बच्ची की हादसे में मौत हो चुकी है।
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हाईवे अभी मेंटेनेंस में है। टीम भेजकर सड़क का सर्वे कराया जाएगा। जो भी कमियां हैं, उनको दूर किया जाएगा।

- अमन त्रिगुन, पीडी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

अल्हागंज क्षेत्र में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे से उखड़ रही बजरी व कोलतार। संवाद

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