शाहजहांपुर। हरदोई रीजन में सर्वाधिक राजस्व कमाने वाले शाहजहांपुर डिपो के बस अड्डे की हालत काफी खस्ताहाल है। कहने को 27 लाख रोजाना की कमाई है फिर भी बस अड्डे गंदगी का अंबार है, बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं हैं। यहां न पीने के पानी का इंतजाम है और न ही निशुल्क शौचालय है। ऐसे में जगह-जगह गंदगी और दुर्गंध रहती है। ऐसे में यात्रियों को परेशानियों को सामना करना पड़ता है।
आड़ में लगे वॉटर कूलर, पानी के लिए भटक रहे यात्री
कहने को तो रोडवेज बस अड्डा परिसर में दो वॉटर कूलर लगे हैं, लेकिन ये किसी को नजर नहीं आते हैं। बायें हाथ पर लगा वॉटर कूलर अधिकतर समय ई-रिक्शा, रिक्शा के अतिक्रमण के कारण छिपा रहता है। वहीं दूसरा वॉटर कूलर बसों के खड़े होने के कारण यात्रियों को नजर नहीं आता है। पानी की दिक्कत को देखते हुए समाजसेवी गौरव शुक्ला, संजय राठौर, एनुल हक आदि ने वॉटर कूलर मंगाकर पानी का इंतजाम कराया है।
यात्रियों के लिए बैठने के लिए सीटें तक नहीं
यात्रियों के लिए बस स्टैंड पर पर्याप्त सीटें तक नहीं पड़ी है। हर दिन आने वाले हजारों यात्रियों के लिए मात्र तीन सीटें पड़ी हैं। यात्रियों को जमीन पर बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। गांवों से आने वाले मुसाफिर जमीन पर चादर बिछाकर बैठ जाते हैं।
परिसर में खड़े होते वाहन, स्टैंड जैसी हालत
-रोडवेज परिसर में काफी जगह खाली पड़ी है, जहां पर वाहनों के खड़े होने का इंतजाम किया जा सकता है, लेकिन जिस जगह पर यात्रियों को बैठना चाहिए। वहां पर वाहनों को खड़ा किया जाता है। स्टैंड जैसी स्थिति लंबे समय से बनी है। खास बात यह है कि आसपास ड्यूटी करने आने वाले लोग भी अपने वाहन को खड़ा कर चले जाते हैं।
पूरे परिसर में गंदगी का माहौल
-पूरे शहर में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छ रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है, जबकि रोडवेज बस स्टैंड पर स्वच्छता के स्लोगन की पोल खुल रही है। जगह-जगह पर गंदगी का माहौल है। कई जगह पर कूड़ा तक बिखरा पड़ा है। नालियों में भी गंदगी है। वॉटर कूलर के पास पानी के निकास की सही व्यवस्था नहीं है, जिस कारण पानी बहता रहता है और कीचड़ रहती है।
-नाले की सफाई पिछले सप्ताह ही कराई थी। सप्ताह में दो बार नगर निगम की ट्रॉली आकर कूड़ा उठाकर ले जाती है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराने के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को भी सही कराया जाएगा।
एसके निगम, डिपो प्रभारी