शाहजहांपुर। एआरटीओ कार्यालय से फिटनेस जांच की व्यवस्था खत्म होने से अनुबंधित बसों की फिटनेस जांच अटकने लगी है। अगले महीनों में प्रस्तावित फिटनेस जांच को लेकर अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन ने एआरटीओ के सामने मामला रखा। वहां से आरटीओ बरेली के पाले में गेंद डाल दी गई। ऐसे में बस मालिक काफी परेशान हैं।
परिवहन निगम के बेड़े से 77 अनुबंधित बसों का संचालन होता है। सभी बसें शाहजहांपुर के परिवहन विभाग कार्यालय में पंजीकृत हैं। अधिकतर बसों की फिटनेस जांच जनवरी से मार्च तक होती है। इस बीच विभाग ने बसों की फिटनेस जांच की व्यवस्था बरेली स्तर पर कर दी है। एसोसिएशन के महासचिव निर्निमेष शर्मा ने बताया कि तीन बसों की फिटनेस जांच बमुश्किल बरेली में हो सकी है।
परिवहन एक्ट के प्रावधानों के अनुसार, जहां पर गाड़ी पंजीकृत है, वहीं पर फिटनेस जांच होनी चाहिए। यहां से बरेली भेजा जा रहा है। वहां दलालों के माध्यम से काम होगा। ऐसे में समय के साथ धन भी अधिक खर्च होगा। उन्होंने बताया कि एआरटीओ ने उन्हें बरेली में संपर्क साधने के लिए कहा है। फिटनेस खत्म होने पर गाड़ी का संचालन मुश्किल हो गया है। वह जल्द ही आरटीओ बरेली से मिलेंगे।
फिटनेस जांच को लेकर नीतिगत मामला है। इसका निर्णय उच्च अधिकारी करेंगे। अनुबंधित बस मालिकों से भी आरटीओ से मुलाकात कर मुद्दा रखने के लिए कहा है।
-सर्वेश सिंह, एआरटीओ प्रशासन