पांच भाई-बहनों में अकेला था कमाने वाला
थाना परौर क्षेत्र के गांव दहेलिया निवासी 22 वर्षीय किशन कुमार ने रविवार रात कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। घरवालों को घटना की सुबह जागने पर हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घरवाले घटना के पीछे घरेलू खर्च का दबाव होने की बात कह रहे हैं, जबकि पुलिस मामले को प्रेम-प्रसंग से जोड़कर देख रही है।
गांव दहेलिया निवासी किशन कुमार के पिता राजाराम की मृत्यु हो चुकी है। पिता की मौत के बाद से साठ बीघा जमीन पर खेती-बाड़ी का काम किशन ही देखता था। परिवार में मां शांति देवी और तीन नाबालिग भाई और दो बहनों की परवरिश का जिम्मा भी किशन पर था। किशन से छोटा 17 वर्षीय रामशंकर खेती के काम में उसका हाथ बंटाता था। बड़ी बहन माया की शादी गांव में ही हुई है। घरवालों के मुताबिक, किशन दोे-तीन दिन से गुमसुम सा था। मां शांति देवी ने उससे पूछा भी लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। रविवार रात किसी समय उसने कमरे में कुंडे से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। सुबह जब मां की आंख खुली तो बेटे का शव फांसी के फंदे पर झूलते देखा। बेटे की मौत पर वह गश खाकर गिर गईं। मोहल्ले वालों ने उन्हें बमुश्किल संभाला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने बताया कि घरवालों के मुताबिक घरेलू खर्च के बोझ से तंग आकर किशन ने खुदकुशी की है। हालांकि पुलिस इस मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रही है।
घरेलू कलह में फांसी लगाकर की खुदकुशी
शाहजहांपुर। मीरानपुर कटरा के गांव पलिया दरोबस्त निवासी 46 वर्षीय नन्हे ने घरेलू कलह से तंग आकर जान दे दी। उसका शव रविवार देर रात घर के कमरे में पत्नी की धोती से कुंडे पर लटका पाया गया। घटना के समय घरवाले कर्ज की वजह से आत्महत्या बता रहे थे, लेकिन यह नहीं बता पा रहे थे कि लोन किस बैंक से और कितना लिया गया। थानाध्यक्ष प्रवेश सिंह ने बताया कि पड़ताल में पता चला कि घर में ही आपस में विवाद हो गया, इसी से क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली।