थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव रौरा निवासी महिला ने परिवार में किसी बात से नाराज होकर फांसी लगाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। उसे बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल लाया गया। यहां हालत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। गांव रौरा निवासी 45 वर्षीय रेशमा मंगलवार को परिवार वालों के साथ हंस-बोल रही थी। शाम होते ही उसका परिवार में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इसके बाद वह गुमसुम हो गई। परिवार में लोगों और पति इशाक ने उससे बोलने की कोशिश की लेकिन वह फिर भी नहीं बोली। रात लगभग आठ बजे जब परिवारीजन सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी रेशमा कमरे में गई और उसने फांसी पर झूल जाने की धमकी देते हुए अंदर से चटकनी लगाकर कमरा बंद कर लिया। इसके बाद उसने गले में साड़ी से फांसी का फंदा बनाया और साड़ी का दूसरा हिस्सा पंखे के कुंडे में बांध दिया। कमरे के बाहर से पति व अन्य परिवारीजन उसे फांसी पर लटकने के लिए मना करते रहे। जब उसने बात नहीं मानी, तभी दरवाजे के बाहर चीख रहे पति ने दरवाजे में तेज धक्का देकर कुंडी तोड़ दी। वह जैसे ही कमरे में दाखिल हुआ, तभी वह फांसी पर झूल गई। इतने में ही पति ने नीचे से दोनों पैर पकड़कर उठा दिया, फिर परिवार के अन्य लोगों के सहयोग से छटपटाती हुई रेशमा को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। गर्दन में झटका लगने के बाद वह बेहोश हो गई। उसे मंगलवार रात पौने दस बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत में सुधार होने पर डॉक्टर ने उसे छुट्टी दे दी।