गांव जरावन की प्रधान के पुत्र का आरोप है कि गांव के दो पक्षों में झगड़े का समझौता कराने की पैरवी करने पर एसओ कांट ने उनसे अभद्रता और मारपीट की। शिकायत पर संज्ञान लेकर एसपी ने मामले की जांच के लिए एसपी सिटी को थाने भेजा तो एसओ के ईवीएम सुरक्षा में लगे होने से जांच अधूरी रह गई। एसपी सिटी ने पीड़ित पक्ष को कार्रवाई का भरोसा दिया है। जरावन गांव की प्रधान मनीषा देवी के पुत्र पवन यादव ने एसपी को पत्र देकर बताया कि शुक्रवार रात साढ़े नौ बजे कांट थाना पुलिस ने उनके गांव के चाचा-भतीजे को आपस में झगड़ने पर थाने में लाकर बंद कर दिया। बाद में परिवार में उनका समझौता करा दिया गया। समझौता होने के बाद वह दोनों के परिवार वालों के साथ रात लगभग दस बजे कांट थाने पहुंचे। थाने पर इंस्पेक्टर का इंतजार करने के बाद उसने रात 12.21 बजे सीयूजी नंबर पर उन्हें कॉल की। आरोप है कि कॉल रिसीव करते ही इंस्पेक्टर ने गालियां देनी शुरू कर दीं और इसके बाद वह थाने में कार्यालय पर आ गए। यहां उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। उनके साथ जो लोग गए थे, उनके साथ भी मारपीट की। आरोप लगाया कि उनकी बाइक भी छीन ली। एसपी के निर्देश पर एसपी सिटी कमल किशोर शनिवार शाम पांच बजे मामले की जांच करने थाना कांट पहुंचे। यहां जानकारी मिली कि थानाध्यक्ष की ड्यूटी रोजा मंडी स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम मशीनों की सुरक्षा में लगी है। इसलिए उनसे एसपी सिटी की मुलाकात नहीं हो पाई। एसपी सिटी ने पीड़ित पक्ष से बात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं प्रधान के पुत्र ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वह प्रधान संगठन के पदाधिकारियों के साथ दोबारा एसपी से मिलेंगे। उधर, थानाध्यक्ष अजीत रोरिया ने बताया कि प्रधान के पुत्र केवल एक पक्ष को छोड़ने का दबाव बना रहे थे। उनकी बात नहीं मानने पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है।