कांशीराम कालोनी से शुक्रवार रात अपहृत हुए जिस बंटी की तलाश में पुलिस परेशान घूम रही थी वह रविवार शाम कालोनी में ही घर पर खाना खाते हुए मिल गया। अब पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है कि वह लापता रहने के दौरान आखिर कहां रहा। हालांकि वह पुलिस को अभी पते की बात नहीं बता रहा है। कांशीराम कालोनी के ब्लाक नंबर 34 में क्वाटर संख्या 529 निवासी 20 वर्षीय बंटी शुक्रवार रात लगभग साढ़े दस बजे अचानक लापता हो गया था। बंटी की मां विद्यावती व भाई हेतराम ने थाना पुवायां क्षेत्र के गांव कलंदरगंज निवासी रामसिंह और विक्रम पर अपहरण का आरोप लगाते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपहरण की घटना से सकते में आई पुलिस ने नामजद आरोपियों को उनके घर से उठाया तो पता चला कि उन लोगों का इस घटना से कोई वास्ता नहीं है। इसके बाद पुलिस सर्विलांस के जरिए बंटी की तलाश में जुट गई। शनिवार को उसका कुछ भी पता नहीं चला। रविवार दोपहर बंटी के परिजनों ने पुलिस को उसकी लोकेशन खुटार की तरफ बताई लेकिन तब तक वह घर पर आ चुका था। सर्विलांस के जरिए उसकी तलाश में जुटी पुलिस को रविवार शाम लगभग चार बजे उसकी लोकेशन कांशीराम कालोनी में ही उसके घर के आस-पास नजर मिली तो पुलिस कालोनी में उसके घर पहुंच गई। उस वक्त वह खाना खा रहा था। जानकारी करने पर बता चला कि वह तो सुबह दस बजे से घर लौट आया था। पुलिस अब उससे यह पूछने में लगी है कि उसने पुलिस को इस तरह से गुमराह करने की कोशिश क्यों की और वह लापता रहने के दौरान कहां रहा।
आरोपी विक्रम के मोबाइल पर किए मैसेज-बंटी अपहरण में नामजद किए गए विक्रम के मोबाइल नंबर पर शनिवार शाम 7.32 बजे पहला मैसेज आया कि बंटी की लाश का पता आपके पास नौ बजे एक मैसेज से आ जाएगा। इसके बाद दूसरा मैसेज शानिवार रात 9.51 बजे किया गया कि बंटी को 11 बजे छोड़ दिया जाएगा।
अपहृत बंटी रविवार सुबह दस बजे ही अपने घर लौट आया था, लेकिन परिवार वालों ने पुलिस को जानकारी नहीं दी। पुलिस शाम को उसके परिजनों से मिलने कालोनी गई तो वह बैठा खाना खा रहा था। अब उससे पूछताछ की जा रही है कि वह कहां गया और कैसे घर लौटा।-अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सीओ सिटी