खुटार थाना क्षेत्र के गांव चांदपुर में मिला कंकाल किसका है यह राज डीएनए जांच के बाद सामने का सकेगा, लेकिन सुरभि के गायब होने के मामले में खुटार पुलिस की लापरवाही साफ उजागर हुई है।
गौरतलब है कि गांव चांदपुर के शिवसागर यादव की 19 वर्षीय पुत्री सुरभि की शादी जून 2015 में जैतीपुर थाना क्षेत्र के गांव बिलगड़ी निवासी बिजनेश के साथ हुई थी। शादी के दो माह बाद अगस्त में वह मायके आई। आठ अगस्त 2015 को सुरभि घर से शौच को जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। मां राजकुमारी ने नौ अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 19 अगस्त को सुरभि का सलवार कुर्ता गांव के पास एक गन्ने के खेत में पड़ा मिला। 30 अगस्त को पीलीभीत के थाना सेहरामऊ के गांव चतीपुर के तीन लोगों को नामजद कराते हुए पुत्री को बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई। सुरभि के कपड़े मिल जाने और नामजद रिपोर्ट के बाद भी पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और सुरभि के गायब होने के मामले में गंभीरता से छानबीन की जरूरत नहीं समझी।
19 जनवरी 2016 को गांव चांदपुर के पास गन्ने के खेत में मानव कंकाल पड़ा पाया गया। सुरभि की मां ने कंकाल के पास मिले बालों के जूड़े में लगे क्लिप आदि से पहचान कर कंकाल अपनी पुत्री सुरभि के होने का दावा किया। पुलिस ने कंकाल को सील कर मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है। इसके अलावा हड्डियों का डीएनए टेस्ट भी कराए जाने की तैयारी है, जिससे कंकाल के बारे में स्थित साफ हो सके। डीएनए टेस्ट के बाद ही पता लग सकेगा कि कंकाल सुरभि का था कि नहीं, लेकिन पूरे मामले पर गौर करें तो यह साफ हो चला है कि पुलिस ने सुरभि को तलाश करने का कोई प्रयास नहीं किया। सुरभि के कपड़े बरामद होने के समय ही यदि पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो डीएनए टेस्ट आदि की जरूरत ही नहीं पड़ती।
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अन्य किशोरियों की बरामदगी में लापरवाही
पुवायां (ब्यूरो)। खुटार के दो गांवों से दो नाबालिग किशोरी दिसंबर से गायब हैं। इसके अलावा खुटार के मोहल्ला इंदिरानगर से एक नाबालिग लड़की 11 जनवरी से लापता है। दो मामलों मेें नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। जबकि गायब लड़कियों के पिता उनकी हत्या किए जाने की आशंका जता रहे हैं। इसके बाद भी पुलिस का ढुलमुल रवैया चांदपुर जैसी स्थिति पैदा कर सकता है।