जिले में एक पुलिस अधिकारी ने तेजधार हथियारों राउंड से लैस स्कार्पियो सवार युवकों को पकड़कर थाना सदर के सुपुर्द कर दिया। वहीं थाना सदर के एसएचओ ने कुछ न मिलने का दावा करते हुए युवकों को छोड़ दिया।
रविवार को करीब एक बजकर दस मिनट पर पीसीआर इंचार्ज जंग बहादुर शर्मा अपनी रुटीन गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की स्कार्पियो सिविल अस्पताल के पास घूमती दिखी।
पीछा करने पर कार सवार विरसा विहार की बैकसाइड जा छिपे। उन्हें पीसीआर इंचार्ज ने घेर लिया। गाड़ी में चार युवक सवार थे जो तरनतारन के वैरोंवाल से कपूरथला में किसी पर हमला करने की नीयत से आए थे।
गाड़ी की तलाशी लेने पर उनसे चार दातर, पांच पिस्टल के रौंद, पिस्टल का कवर बरामद हुआ। पिस्टल नहीं मिली।
पूछताछ में एक युवक ने बताया कि कपूरथला के गांव तलवंडी मेहमा में उनके मामा का बेटा आया हुआ था जिसकी वहां लड़ाई हो गई।
उसकी मदद के लिए वह सिविल अस्पताल में भर्ती दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला करने की नीयत से आए थे। उनके दो और साथी भी थे जो फरार हो गए।
पता चला है कि इससे पहले युवकों ने सिविल अस्पताल में भी उत्पात मचाया और एक कार सवार युवक को घायल किया।
घायल की पहचान विक्रम के तौर हुई है और वह सीआईए स्टाफ में हवलदार है। इन दिनों एक माह की छुट्टी पर चल रहा है।
पीसीआर इंचार्ज जंग बहादुर शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों युवकों को पकड़कर थाना सदर के सुपुर्द कर दिया लेकिन सोमवार सुबह युवक थाने में नहीं थे। इन युवकों के नाम बताने को लेकर पुलिस आनाकानी कर रही है।
वहीं थाना सदर के एसएचओ सुक्खा सिंह का कहना है कि पीसीआर इंचार्ज युवकों को यूं ही थाने छोड़ गया। वह तो गांव तलंवडी मेहमा में शादी में शरीक होने आए थे। उनमें लड़की का भाई भी शामिल था।
वहां पर किसी ने एक लड़की से छेड़खानी कर दी और विवाद बढ़ गया। पकड़े गए युवकों से कोई हथियार या असलाह नहीं मिला। पूरा मामला एसएसपी के ध्यान में ला दिया गया है।
छेड़खानी वाले मामले में दोनों पक्षों में समझौता करवाने का प्रयास हो रहा है। एसएसपी राजिंदर सिंह ने कहा कि वह इस मामले की जानकारी हासिल करेंगे।