राशन लेेने के लिए लाइन में लगे दो अन्य किशोर घायल
सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का छज्जा गिरने से एक किशोर की मौत हो गई, जबकि दो किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस वक्त हुआ जब लोग राशन लेने के लिए दुकान के बाहर लाइन लगाए थे। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना के बाद से लोगों में कोटेदार के खिलाफ भारी आक्रोश है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे 14 वर्षीय चंदू पुत्र अजीम निवासी गड़ीगाढ़ीपुरा थाना आरसी मिशन अपने साथी 12 वर्षीय अमन साल पुत्र मुनव्वर और 14 वर्षीय रजीद पुत्र सलीम के साथ चमकनी गाड़ीपुरा स्थित सरकारी कोटे की दुकान संख्या 84 पर राशन लेने गया था। राशन लेने के लिए दुकान के सामने लाइन लगी थी, इसी बीच दुकान का नवनिर्मित छज्जा भरभरा कर गिर गया, जिसमें तीनों किशोर दब गए। मोहल्ले वालों ने आनन-फानन में मलबे में दबे तीनों किशोरों को निकाला। छज्जे में दबकर चंदू की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अमन और रजीद गंभीर रूप से घायल हो गये ।
सूचना पर एसडीएम सदर रामजी मिश्रा प्रभारी निरीक्षक हरीश राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने तत्काल दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचवाया। पुलिस ने मृतक चंदू के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में मृतक की मां फरजाना ने कोटेदार के खिलाफ तहरीर दी है।
घटना में कोटेदार की लापरवाही उजागर हो रही है। मृतक के परिजनों की तहरीर पर कोटेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गयी है। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। घटना की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जा रही है।
- हरीश राजपूत, प्रभारी निरीक्षक, थाना आरसी मिशन
राशन देने के लिए कई दिन से टरका रहा था कोटेदार
चमकनी गाढ़ीपुरा के कोटेदार प्रेम नरायन यादव के व्यवहार से राशन कार्डधारक काफी परेशान हैं। मृतक चंदू की मां फरजाना ने एसडीएम रामजी मिश्रा को बताया कि तीन माह से कोटेदार ने खाद्यान्न नहीं दिया और इस माह का राशन लेेने के लिए चार दिनों से बच्चे दुकान के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनको राशन नहीं दिया गया। अन्य राशनकार्ड धारकों ने तो मारपीट और उत्पीड़न का आरोप भी कोटेदार पर लगाया है।
नियम काननू को ठेंगा दिखा कराया गया था निर्माण
जिला सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान संख्या 84 जो प्रेम नरायन यादव के नाम आवंटित है, के निर्माण में नियमों का खुला उल्लंघन किया गया है। इस दुकान का जो छज्जा गिरा वह मानक के विपरीत था। किसी दीवार से सपोर्ट नहीं दिया गया था। प्रत्यक्षदर्शी बताते है कि चार इंच की दीवार में बिना सरिया के छज्जे का निर्माण किया गया। जब लोग टोकते थे तो कोटेदार गालीगलौज और मारपीट पर अमादा हो जाता था।
फरजाना के पीछे पड़ी थी बदकिस्मती
रोजा। बदकिस्मती तो फरजाना के 15 सालों से पीछे पड़ी थी। पंद्रह साल पहले पति अजीम के इंतकाल के बाद वह छह बेटों और दो बेटियों का भरण-पोषण कर रही थी। तीन साल पहले उसके छोटे बेटे तनवीर की सड़क दुघर्टना में मौत हो गई। अभी वह इस सदमे से उबर भी नहीं पाई थी कि सरकारी दुकान से खाद्यान्न लेते समय उसके बेटे चंदू की जान चली गई।