शराब पीते समय लोगों के भड़काने पर पुत्र ने कुदाल का प्रहार कर अधेड़ पिता की हत्या कर दी और मौके से भाग निकला। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। गांव बिरहना बुजुर्ग निवासी 50 वर्षीय रामकुमार भूमिहीन है। उसके चार पुत्र महेश, मदनलाल, रामू और छोटे हैं। महेश की शादी हो चुकी है। मदनलाल ने गांव के ही एक व्यक्ति की सात बीघा भूमि ठेके पर ली थी। बृहस्पतिवार को मदनलाल अपने पिता रामकुमार के साथ गन्ने की गुड़ाई करता रहा। रात को पिता, पुत्र और गांव के चार अन्य लोग एक साथ बैठकर शराब पीने लगे। रामकुमार की पत्नी बिंजा देवी ने पति और पुत्र को खाने के लिए आवाज दी, लेकिन मदनलाल ने अनसुना कर दिया। इसी बात को लेकर रामकुमार की अपने पुत्र मदनलाल से बहस हो गई। रामकुमार और मदनलाल के साथ शराब पी रहे लोगों ने मदनलाल को पिता के प्रति भड़का दिया और मारने के लिए उकसाया तो मदनलाल ने गन्ने की गुड़ाई के काम आने वाली कुदाल उठाकर पिता के पेट में मार दी। कुदाल के प्रहार से रामकुमार का पेट फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मदनलाल इसके बाद भी पिता पर ताबड़तोड़ प्रहार करता रहा। रामकुमार के शरीर पर आधा दर्जन से अधिक घाव हैं। रामकुमार की मौत के बाद मदनलाल मौके से भाग निकला। शराब पी रहे लोग भी भाग निकले। रामकुमार की मौत से घर में कोहराम मच गया। गांव के तमाम लोग भी जानकारी पाकर मौके पर आ पहुंचे। सूचना पाकर बंडा एसओ राजेश सिंह भी घटना स्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। मृतक के बड़े पुत्र महेश की ओर से मदनलाल के खिलाफ पिता की हत्या कर देने की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुत्र के सुहाग मिटा देने से हतप्रभ हैं बिंजा देवी
मकसूदापुर/बंडा। बृहस्पतिवार शाम तक बिंजा देवी के घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था। पति रामकुमार और पुत्र मदनलाल गन्ने की गुड़ाई कर वापस आने वाले थे। बिंजा देवी भोजन की तैयारी कर रही थीं। देर शाम पति, पुत्र वापस आए तो दोनों ने बेहद थके होने की बात कहते हुए बिंजा देवी से खाना जल्दी बनाने की बात कहते हुए घर के बाहर चौपाल जमा ली। इस दौरान मोहल्ले ही कच्ची शराब की बोतल खरीदकर कर लाई गई और पिता, पुत्र के साथ ही मौके पर मौजूद गांव के अन्य लोगों ने भी शराब पीना शुरू कर दिया। बिंजा देवी का कहना है कि खाना तैयार होने के बाद वह पति और पुत्र को बुलाने गई तो दोनों में शराब को लेकर बहस हो रही थी। पति और पुत्र ने थोड़ी देर में भोजन करने की बात कहते हुए उन्हें टरका दिया। बिंजा देवी को पछतावा है कि उन्होंने पति और पुत्र की बात क्यों मानी, यदि वह एक को भी मौके से हटा लेती तो घटना को टाला जा सकता था। पुत्र द्वारा पति की हत्या से वह बेहद गमजदा हैं। बिंजा देवी का रो रोकर कह रही थीं कि जिससे बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद थी उसने ही सुहाग उजाड़ दिया।
पुत्र से हमले की नहीं थी उम्मीद
मकसूदापुर। रामकुमार को अपने पुत्र से जानलेवा हमले की आशंका नहीं थी। लोग बताते हैं कि बाप, बेटे अक्सर साथ में शराब पीते थे। इस दौरान दोनों के बीच विवाद भी हो जाता था, लेकिन बात कभी भी हाथापाई तक भी नहीं पहुंची। बृहस्पतिवार रात भी जब रामकुमार ने पुत्र मदनलाल को खाना खाने के लिए डांटा तो मदनलाल ने पिता से गाली गलौज शुरू कर दी। रामकुमार चुप्पी साध गया, लेकिन मदनलाल पर शैतान सवार हो चुका था। उसने कुदाल उठाकर पिता पर प्रहार किया तब भी रामकुमार ने उसे डांटा, लेकिन बचने का कोई प्रयास नहीं किया। यही गलती रामकुमार की जान ले गई और कुदाल के एक ही प्रहार से उसका पेट फट गया।
कच्ची शराब बनी रामकुमार की मौत की वजह
मकसूदापुर/बंडा। रामकुमार की हत्या के पीछे मूल वजह कच्ची शराब है। गांव बिरहना सहित आसपास के तममाम गांवों में कच्ची शराब खुलेआम निकाली और बेची जाती है, इस कारण तमाम युवा नशे की गिरफ्त में फंस रहे हैं।
गांव के लोगों ने बताया कि रामकुमार शराब पीने का आदी था। इसका असर बच्चों पर भी पड़ा और धीरे धीरे रामकुमार का पुत्र 25 वर्षीय मदनलाल पिता के साथ ही बैठकर शराब पीने लगा। मदनलाल मजदूरी करने के लिए दूसरे प्रदेशों में भी चला जाता था और वापस आने पर कमाई को शराब में खुलकर उड़ाता था। रुपए समाप्त हो जाने पर वह परिवार के लोगों से शराब के लिए रुपए मांगता था और मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करता था। गांव में भी मदनलाल की आम शोहरत ठीक नहीं है। लोग उसे झगड़ालू और पक्का शराबी बताते हैं। मदनलाल के मोहल्ले में भी कई घरों में कच्ची शराब का धंधा खुलेआम किया जाता है। बिरहना के अलावा गांव आंवा, मकसूदापुर, डिमरई, भगवंतापुर, श्याम पट्टी भी कच्ची शराब का गढ़ हैं।