नगर के मोहल्ला बिरतिया की एक बीमार महिला बजाय उपचार के झाड़फूंक के चक्कर में पड़ गई। शुक्रवार को महिला की मौत हो गई। खफा परिजनों ने झाड़फूंक करने वाले बाबा के घर का घेराव कर लिया। सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ले-देकर बाद में मामला रफा-दफा कर दिया गया।
नगर के मोहल्ला बिरतिया निवासी राजकिशोर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। उसकी पत्नी रमा (30) पिछले काफी समय से बीमार थी। होली के बाद अचानक वह जेरकिला निवासी झाड़फूंक करने वाले बाबा के चंगुल में फंस गई। बाबा के कहने पर महिला ने उपचार बंद करा दिया। शुक्रवार सुबह उसकी हालत बिगड़ गई और राम ने दम तोड़ दिया। राम की मौत होते ही गुस्साए परिजनों ने बाबा के घर धावा बोल दिया।
भीड़ देखकर बाबा घर से भाग निकला। बताया गया कि सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में किसी तरह बाबा ने राम के पति को दस हजार रुपये देकर मामला रफा-दफा कराया। इस संबंध में कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी भी घटना की कोई जानकारी नहीं है।