नौकरीपेशा मां की संदिग्ध हालात में मौत के मामले को पुवायां पुलिस और क्षेत्र के अफसरों द्वारा तवज्जो नहीं दिए जाने पर टेहरी ढुकरी गांव का विनोद ‘इंसाफ’ की खातिर बुधवार को डीएम से मिलने आया। अफसरों ने सिरफिरा और शराबी समझकर उसे दुत्कारने की कोशिश की तो वह कलक्ट्रेट के पोर्टिको में डीएम के पैरों में गिर गया। बोला: परिवार की संपत्ति और नौकरी हथियाने के लिए मां को भाई और उसकी बीवी ने मार डाला। एडीएम (प्रशासन) मुनेंद्रनाथ उपाध्याय ने सदर पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
हुआ यह कि डीएम शुभ्रा सक्सेना सुबह दो घंटे तक कलक्ट्रेट के कार्यालय में विभागीय काम निपटाने के बाद कहीं जाने के लिए बाहर निकलीं। वह बरामदे की सीढ़ियां उतरकर पोर्टिको में खड़ी कार के पास जैसे ही पहुंचीं, वहां पहले से खड़े विनोद ने चीख-पुकार मचानी शुरू कर दी। डीएम और उनके पास खड़े एडीएम ने माजरा समझने की कोशिश की, लेकिन बदहवास लहजे में बोल रहे विनोद की परेशानी अफसर समझ नहीं पाए।
इस पर डीएम थोड़ा झुंझलाईं। एडीएम से मुखातिब होकर बुदबुदाईं, लगता है कि मेंटल प्रॉब्लम है। विनोद की बड़बड़ाहट जारी रही तो डीएम उससे सीधा मुखातिब हुईं। पूछा-शराब पी रखी है क्या? जवाब मेें विनोद उनके पैरों पर लपका और चुनौती वाले अंदाज में बोला: साहब जांच करा लो, मैं पीता नहीं हूं। डीएम को कुछ समझ नहीं आया तो उसे एडीएम के हवाले कर कार में जा बैठीं, लेकिन सोच-विचार कर गाड़ी से फिर नीचे उतर आईं।
उन्होंने पूछा कि चाहते क्या हो? इस पर उनको सीधा-सपाट जवाब मिला-इंसाफ।
डीएम के जाने के बाद एडीएम ने उसे अपने पास बिठाकर तसल्ली से पूछताछ की तो विनोद ने तफसील से परेशानी बयां की। कहा: वह पुवायां में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। आंगनबाड़ी कर्मचारी के पद पर कार्यरत मां कमला देवी एक अन्य भाई के साथ गांव में रहती थीं। बीती सात अप्रैल को भाई और उसकी बीवी ने गला दबाकर मां को मार डाला।
इसकी वजह पूछे जाने पर विनोद ने कहा कि भाई मां के हिस्से की जमीन हड़पना चाहता है और उसकी बीवी की नजर मृतक आश्रित कोटे में मां की नौकरी पर है। अब दोनों उसे मार डालने की फिराक में लगे हैं। पुवायां थाने से भगा दिए जाने पर तहसील दिवस में फरियाद की, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई। एडीएम ने विनोद को सदर थाने के दरोगा इंद्रेश राजपूत की सुपुर्दगी में देकर उसके मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।