नेशनल हाईवे पर थाना तिलहर क्षेत्र में गांव मलूकापुर के पास रविवार रात राइस में चौकीदारी कर रहे दो युवकों को रोडवेज बस ने कुचल दिया। घायल हालत में दोनों युवकों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद चालक बस लेकर मौैके से फरार हो गया।
तिलहर के मोहल्ला निजामगंज निवासी संतोष गुप्ता की नेशनल हाईवे पर गांव मलूकापुर के पास राइस मिल है। जहां थाना मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव इस्माइलपुर निवासी छोटेलाल और उनका बेटा 19 वर्षीय दीपक चौकीदारी करते हैं। दोनों परिवार समेत मिल परिसर में ही रहते हैं। इसी क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी रामस्वरूप का 35 वर्षीय बेटा वीरपाल भी राइस मिल में चौकीदारी करता था। मिल के पास निर्माणाधीन हाईवे की एक साइड बंद है। जहां रोड पर मिल के धान सूखने के लिए डाले रखे गए थे। दीपक की ड्यूटी मिल गेट पर लगी थी, जबकि वीरपाल सड़क पर पड़े धानों की रखवाली कर रहा था। रात करीब 12 बजे तिलहर की तरफ से आई तेज रफ्तार रोडवेज बस ने पहले से मिल के गेट के सामने खड़े दीपक को रौंदा और इसके बाद चालक ने भागने की कोशिश में वीरपाल को भी कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक रोडवेज बस गोला गोकर्णनाथ डिपो की थी। चालक बस लेकर मौके से भाग गया। फौरन घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दोनों परिवारों में मचा कोहराम
छोटेलाल का सबसे बड़ा बेटा दीपक था। उसके दो छोटे भाई नीलेश, अर्जुन, सुनील और बहन अंजली हैं। दीपक की मौत की खबर सुनकर मां मीना बेसुध हो गईं हैं। सूचना मिलने पर परिवारीजन और रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। वीरपाल की पत्नी कई साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। वीरपाल चार भाइयों में सबसे बड़ा था। तीन छोटे भाई विजय बहादुर, कमलेश और दिनेश है। हादसे की खबर सुनकर रात में ही परिवार वाले जिला अस्पताल पहुंच गए।
निर्माण एजेंसी की लापरवाही से गई दो जानें
शाहजहांपुर। हाईवे का निर्माण कर रहीं इंफ्रा ऐरा कंपनी द्वारा जहां धीमी गति से मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। वहीं निर्माणाधीन मार्ग पर न तो मार्ग अवरोधक लगाये गये हैं और न ही कोई संकेतक। इससे वाहन चालक भ्रमित होकर निर्माणाधीन मार्ग पर वाहन ले जाते हैं। जो दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है।