थाना आरसी मिशन क्षेत्र के मोहल्ला सरायकाइयां में रहने वाले ओसीएफ कर्मचारी 57 वर्षीय बसंत लाल की मंगलवार सुबह रोडवेज बस की चपेट में आने से मौत हो गई। बाइक चला रहे उनका बेेटा उमेश घायल हो गया। गंभीर रूप से घायल उमेश को जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बरेली रेफर कर दिया है।
बसंत लाल ओसीएफ में कर्मचारी थे। मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे वह अपने मझले बेटे उमेश के साथ फैक्ट्री में डॅयूटी जाने के लिए बाइक से निकले थे। रास्ते में हथौड़ा-रेती रोड पर रोहित गैस एजेंसी के सामने तेज रफ्तार रोडवेज बस की चपेट में आकर बसंत लाल और उमेश घायल हो गए। पुलिस दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने बसंत लाल को मृत घोषित कर दिया। हालत गंभीर होेने पर उमेश बरेली रेफर कर दिया गया। वहां एक निजी अस्पताल में उमेश की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटनास्थल पर बस छोड़कर चालक और परिचालक फरार हो गए। रोजा पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक बस गोला डिपो की है। चालक का नाम पता लग गया है, उसकी तलाश की जा रही है।
उमेश को छोड़कर सब लोग हरदोई में थे
बसंत लाल की पत्नी सुशीला देवी अपनी जुड़वा बेटियों सीता और गीता को इंटर का पेपर दिलाने हरदोई के मढ़िया क्षेत्र में गई हुई थीं। उनके साथ बेटे महेश, यशपाल और सोनू भी थे। मंगलवार को दो बजे से सीता और गीता का दो बजे से पेपर था। बसंत लाल की मौत की खबर सुनकर सभी लोग वहां से चल दिए। दोपहर बाद सभी लोग यहां पहुंचे।
होनहार बेटे की जिंदगी खतरे में
बसंत लाल का बड़ा बेटा महेश मानसिक रूप से कमजोर है। उमेश शहर के मोहल्ला कटिया टोला में एक कंप्यूटर इंस्टीट्यूट चला रहा है। तीसरे नंबर का बेटा यशपाल और छोटा बेटा सोनू नौकरी की तलाश में कंप्टीशन की तैयारी कर रहे हैं। बसंत लाल ने बड़ी बेटी रेनू की शादी कर दी थी। जुड़वा बेटी सीता और गीता इंटर की पढ़ाई कर रही हैं। कुल मिलाकर परिवार का गुजारा करने के लिए उमेश ही पिता बंसत लाल की मदद करते थे। उमेश की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे को लेकर परिवार के सभी लोग परेशान हैं।