जलालाबाद के गुलड़िया गांव में हिंदू परिवारोें को धर्मांतरण कर ईसाई बनाने और वहां प्रदेश के राज्यमंत्री के एक चहेते के घर होने वाली साप्ताहिक चंगाई सभा पर रोक नहीं लगाए जाने के विरोध में विहिप, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठन मंगलवार को भड़क उठे। इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंच कर नारेबाजी की और सिटी मजिस्ट्रेट को डीएम केनाम ज्ञापन देकर धर्मांतरण कराने में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के प्रांत संयोजक अनुज कुमार सिंह ने कहा कि गुलड़िया में हर रविवार को चंगाई सभा कराने वाले गांव के पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के करीबी हैं। इसीलिए धर्मांतरण की गतिविधियों पर पुलिस ने लीपापोती कर दी। विहिप के जिला मंत्री राजेश अवस्थी ने कहा कि हिंदू समाज और उससे जुड़े संगठन जिले में धर्मांतरण किसी दशा में नहीं होने देंगे।
ज्ञापन में हिंदुओं को ईसाई बनाने वालों व उनके सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेजने, चंगाई सभा पर प्रतिबंध लगाने और इस तरह की घटनाओं का दोहराव रोकने को व्यापक प्रबंध करने की मांग की गई है। प्रदर्शन में विहिप के जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता, रामप्रताप, केके सक्सेना, सुचित सेठ, धर्मेंद्र सिंह, अनंग पाल सिंह, कृष्ण पाल सिंह चौहान आदि शामिल रहे।
इस बीच राष्ट्रीय मसीह मंच के संयोजक डॉ. आशीष केएस मैसी ने कुशवाह बिरादरी के कथित धर्मांतरण कराने की कोशिश पर कहा कि धर्मांतरण चाहे लालच दिखाकर किया गया हो या छल से, सभ्य समाज में अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि इस कांड का कर्ताधर्ता चर्च का सदस्य नहीं है।
रंजीत पहले भी करा चुका है धर्मांतरण
विहिप पदाधिकारियों ने छानबीन के बाद दावा किया कि गुलड़िया में धर्मांतरण की कोशिश करा रहा रंजीत अपने पैतृक गांव बबौरी में कई लोगों का धर्म परिवर्तित करा चुका है। सिंधौली क्षेत्र के इस गांव में रंजीत की पत्नी शिक्षामित्र है और वह भी ईसाई धर्म अपना चुकी है। यही नहीं, ईसाई धर्म अपनाने वाले ये लोग पहले गांव में जमात लगाकर ईसाई धर्म के कार्यक्रम करते थे। विरोध होने के बाद अब ऐसे आयोजन गांव से बाहर करते हैं। रंजीत की निगोही के पिपरिया गांव में ससुराल है, इसलिए उसने वहां के लोगों के धर्मांतरण कराने के प्रयास में उसकी पत्नी ने भी सहयोग दिया था।