नगर पंचायत द्वारा व्यापार कर जमा कराने के लिए भेजे गए 52 हजार रुपये के चेकों का भुगतान अपने हक में लेकर चपरासी ने हजम कर लिए, लेकिन यह मामला महज तीन सप्ताह में ही उजागर हो गया। अपना जुर्म स्वीकार करते हुए चपरासी ने पैसा जमा करने में असमर्थता जताई है। इस पर अधिशासी अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
जनपद की सबसे छोटी रोजा नगर पंचायत के चपरासी विश्नू कुमार को 16 नवंबर को 52 हजार नौ सौ साठ रुपये व्यापार कर में जमा करने के लिए दो चेक चपरासी विशनू कुमार को दिए गए थे, जिनका विशनू ने एसबीआई से अपने हक में भुगतान करा लिए और व्यापार कर जमा नहीं किया।
दिसंबर के प्रथम सप्ताह में जब व्यापार कर विभाग से जानकारी दी गई तो कार्यालय अधीक्षक मुनीश सक्सेना परेशान हो गए। आनन-फानन में विशनू कुमार को तलब किया गया तो उसने यह रकम निजी खर्चे में लेने की बात कहते हुए सरकारी रुपयों को जमा करने में असमर्थता जताई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अधिकारी अनिरूद्ध सिंह ने रोजा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
व्यापारकर के खाते में पैसा नहीं जमाकर चपरासी ने घोर वित्तीय अनियमितता बरती है जो गबन की श्रेणी में आता है। नौ दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं, लेकिन 10 दिसंबर को विशनू कुमार द्वारा पैसा जमा कर दिया गया है। इस कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
- अनिरूद्ध सिंह, ईओ,रोजा नगर पंचायत