पोस्टल विभाग में कार्यरत विकलांग लिपिक की पत्नी ने डाकघर के अधीक्षक पर शोषण का आरोप लगाते हुए परिवार सहित इच्छामृत्यु की मांग की है। साथ ही वह प्रधान डाकघर के बाहर परिवार सहित धरने पर बैठ गया है। कहा कि स्थानीय स्तर से समस्या का निदान न होने पर वह 27 जुलाई को लखनऊ में जाकर धरना प्रदर्शन करेंगी। कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं होती है तो उसके परिवार सहित इच्छामृत्यु दी जाए। इस मांग को लेकर राष्ट्रपति को एक प्रार्थना पत्र भेजा।
विकलांग पोस्टलकर्मी शैलेंद्र मिश्रा की पत्नी गुड्डी देवी मिश्रा ने कहा कि उसके पति के विकलांग होने के बावजूद भी रोजा डाकघर में ट्रांसफर कर दिया गया है। करीब 11 किलोमीटर दूर जाने-आने में उनके पति को परेशानी होगी। कहा कि उनके पति को मिलने वाला यात्रा भत्ता भी नियमानुसार नहीं दिया जा रहा है और वेतन वृद्घि भी रोक दी गई है। इन समस्याओं का निस्तारण करने के लिए डाक अधीक्षक से कहा। महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधीक्षक ने इसके बदले 50 हजार रुपये की मांग की। यह भी आरोप लगाया अधीक्षक ने उन लोगों पर कार्रवाई किए जाने की बात भी कही। महिला ने कहा कि ट्रांसफर हो जाने की वजह से उनका पति बीमार चल रहा है और मानसिक रूप से परेशान है। साथ ही आर्थिक परेशानी का सामना करना है, जिससे उनके बच्चे रिंकी, आदित्य, पवन और उदय और वह भुखमरी की कगार पर हैं। कहा कि या तो उनके पति का ट्रांसफर रोका जाए, अन्यथा इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए।