सरसों के तेल और जीरा के बाद कस्बे में अब नकली गुड़ बनना भी शुरू हो गया है। बताते हैं कि शीरे के साथ एक खास किस्म के केमिकल को मिलाकर बनाया जा रहा यह गुड़ स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है, लेकिन इसका कारोबार बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से हो रहा है।
कस्बे में इस तरह का गुड़ दो जगह बन रहा है। अवैध रूप से चल रही ये दोनों फैक्ट्रियां कस्बे के बाहरी इलाके में हैं। गुड़ बनाने के लिए शीरा और केमिकल को रात में फैक्ट्री में पहुंचाया जाता है। किसी को फैक्ट्रियों के बारे में पता न चल सके, इसके लिए बाहर कोई बोर्ड आदि भी नहीं लगाए गए हैं। बड़े पैमाने पर तैयार गुड़ को कस्बे के अलावा क्षेत्र के मिर्जापुर, कलान, कांट तथा मदनापुर में सप्लाई किया जा रहा है। यह गुड़ बेहद सख्त होता है, लेकिन रंग पूरी तरह साफ , चमकीला होता है। गन्ने के रस से बनाई जाने वाली गुड़ और इस गुड़ में देखने पर कोई अंतर नजर नहीं आता, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से यह काफी खतरनाक बताया जा रहा है। जानकारों के अनुसार इस गुड़ के निर्माण में शीरा और केमिकल के अलावा भी कई अन्य चीजें उपयोग में लाई जाती हैं।
बताते चलें कि कस्बे में नकली जीरा और सरसों का तेल बनाने का काम काफी समय पहले से हो रहा है। छापामारी के दौरान कई बार इसकी पुष्टि भी चुकी है, लेकिन इसके बाद भी आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते इन उत्पादों पर अंकुश लगाए जाने को ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे।