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आयकर टीम ने घरों में की तोड़फोड़

Fri, 10 Jul 2015 12:04 AM IST
शाहजहांपुर
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जिले के उद्योगपति माधौगोपाल के दोनों घरों और पेपर मिल में आयकर विभाग की टीम छापेमारी करके लौट गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आयकर टीम ने रंगमहला स्थित उद्योगपति माधौ गोपाल के पुराने घर में कई जगह तोड़फोड़ और खुदाई भी की। नई कोठी में भी कुछ जगह तोड़फोड़ की खबर है।
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बुधवार को आयकर विभाग की एक टीम पुराने घर में सुबह ही पहुंच गई। इस दौरान उन्हें मकान बंद मिला क्योंकि रंगमहला स्थित कोठी का केयर टेकर आदेश ताला डालकर भाग गया था। इस पर टीम ने आसपास के लोगों और दुकानदारों से वहां आने-जाने वाले लोगोें के बारे में जानकारी ली। टीम ने माधौगोपाल से कोठी खुलवाने को कहा तो कुछ देर बाद आदेश ने वहां पहुंचकर ताला खोल दिया। सूत्रों के मुताबिक टीम ने वहां छानबीन करने के साथ ही संदिग्ध नजर आ रहे कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ और खुदाई भी की। पुरानी कोठी में छानबीन करने के बाद बुधवार को ही शाम के वक्त टीम बरेली मोड़ स्थित नए मकान में पहुंच गई। यहां भी उसी अंदाज में टीम ने जांच-पड़ताल की।

रिश्तेदारों, परिचितों की इंट्री तो हुई लेकिन बात नहीं
शाहजहांपुर। केआर पल्प एंड पेपर मिल में छापामारी के बाद आयकर विभाग की सभी टीमों ने बरेली मोड़ स्थित आवास पर जांच शुरू की दी। बृहस्पतिवार को आयकर विभाग की टीमें जब नई कोठी के अंदर छानबीन कर रही थीं तभी माधौगोपाल के तमाम परिचित और रिश्तेदार वहां पहुंच गए। उन्होंने माधौगोपाल और उनके परिवार के लोगों से मिलने की इच्छा जाहिर की। पहले तो टीम के सदस्यों ने मना कर दिया, लेकिन जब रिश्तेदारों ने 30 घंटे गुजर जाने के बाद भी परिवार के किसी सदस्य से बात न हो पाने का हवाला दिया तो टीम के सदस्यों ने उन्हें अंदर बुला लिया, लेकिन माधौगोपाल और उनके परिवार के सदस्यों को दिखाकर बाहर भेज दिया। उनसे बात नहीं करने दी।
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विद्या प्लाई एंड बोर्ड के निदेशक अशोक अग्रवाल भी एक बार केआर पल्प एंड पेपर मिल और एक बार बरेली मोड़ स्थित माधौगोपाल की कोठी के अंदर गए। दोनों ही जगह टीम के सदस्यों ने उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर नोट किया। उन्हें माधौगोपाल को दिखाने के बाद वापस भेज दिया गया। माधौगोपाल के तहेरे भाई अमित अग्रवाल के जिद करने पर टीम ने उन्हें अंदर तो बुला लिया, लेकिन टीम के करीब 20 सदस्य उन्हें घेरे रहे। उन्हें भी माधौगोपाल को दिखाने के बाद बाहर भेज दिया गया। माधौगोपाल की ताई उनसे मिलने पहुंची तो पहले मना कर दिया गया। बाद में उन्होेंने बीमारी का हवाला दिया तो उन्हें मिलने दिया गया। हालांकि बातचीत उनकी भी नहीं हो सकी।

ऑल इज वेल रेस्टारेंट से गया सुरक्षा कर्मियों के लिए खाना
माधौगोपाल की कोठी के सामने स्थित रेस्टारेंट ऑल इज वेल से सुरक्षा कर्मियों का खाना कोठी के अंदर भेजा गया। होटल के मैनेजर के मुताबिक करीब 12 लोगों का खाना अंदर गया था, जिसका भुगतान भी उन लोगों ने किया था। इससे कोठी के अंदर 12 के करीब पीएसी जवानों की संख्या आंकी जा रही है।

गनर को भी नहीं बताई असलियत
आयकर विभाग की टीम का छापा काफी गोपनीय तरीके से डाला गया। इसकी असलियत से सभी को दूर रखा गया। माधौगोपाल की सुरक्षा में लगे गनर को भी माधौगोपाल की लोकेशन नहीं बताई गई। गनर के मुताबिक वह बुधवार को सुबह नौ बजे से पहले ही पहुंच गया था, लेकिन उसकी माधौगोपाल से मुलाकात नहीं हो सकी।
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