मंगलवार रात असामाजिक तत्वों ने गांव गंगसरा के लहिया बाबा स्थान पर बने मंदिर में मां अंबे की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी गई। मंदिर में रखा धर्मग्रंथ भी फाड़ दिया और पूजा सामग्री सहित अन्य वस्तुएं फेंक दीं। सुबह श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो प्रतिमा क्षतिग्रस्त देख गांव के लोगों को जानकारी दी। इससे लोगों में रोष फैल गया और तमाम लोग मंदिर पहुंचे। बाद में लोगों ने खुटार पुवायां मार्ग पर गांव गंगसरा में चक्का जाम कर दिया। एसडीएम सलिल कुमार पटेल और सीओ उमेश शर्मा ने लोगों को बमुश्किल समझाकर जाम खुलावाया।
गांव गंगसरा में लहिया बाबा स्थान लोगों की श्रद्धा का केंद्र हैं और यहां पूरे दिन पूजा अर्चना आदि कार्यक्रम चलते रहते हैं। बुधवार सुबह लोग पूजा करने मंदिर पहुंचे तो मंदिर के दो ताले टूटे पड़े थे और मां अंबे की प्रतिमा क्षतिग्रस्त थी। इसके अलावा धर्मग्रथ के पन्ने भी फटे पड़े थे और पूजा सामग्री आदि भी बिखरी पड़ी थी। यह देखकर श्रद्धालुओं में रोष फैल गया। थोड़ी ही देर में मंदिर पर सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए लोगों ने खुटार पुवायां मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सूचना पाकर एसडीएम, सीओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस ने प्रतिमा खंडित करने का काम किसी मानसिक रूप से कमजोर का बताया तो लोग उत्तेजित हो उठे और नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का कहना था कि मंदिर के दो ताले तोड़कर प्रतिमा खंडित की गई है, यह काम किसी असामाजिक तत्व का है। लगभग एक घंटे तक जाम के दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तमाम स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए। बाद में लोगों ने स्कूल वाहनों को जाने दिया।
सूचना पाकर बजरंग दल, विहिप कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और एसडीएम, सीओ से वार्ता की। हिंदूवादी संगठनों ने मामले का दो दिन में खुलासा किए जाने की चेतावनी दी, जिसे अधिकारियों ने मान लिया। इसके बाद जाम समाप्त कर दिया गया। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वाड ने भी मंदिर पहुंचकर सुराग जुटाए। गांव के शिवाकांत मिश्रा, मेवाराम कश्यप, मनोज कुमार, प्रेमशंकर बाजपेयी, अनिल सक्सेना, मुकेश पांडे, सुरेंद्र दीक्षित ने अज्ञात के खिलाफ पुलिस को संयुक्त हस्ताक्षर वाली तहरीर दी है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।