बरेली के बुजुर्ग गर्ग दंपति को एंबुलेंस में अगवा करने की मास्टमाइंड प्रीती और उसके पति सोनू को निगोही पुलिस ने शुक्रवार दोपहर धर दबोचा। वह चुपचाप पुलिस की गतिविधियों को जानने के लिए पति संग अपने मायके दिलावलपुर आई थी। तभी मुखबिरों से सूचना पाकर थानाध्यक्ष अमर सिंह ने दबिश दी। दोनों के पास से 20 हजार रुपये, एक टैबलेट, दो मोबाइल आदि बरामद हुए हैं। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बरेली के माधोबाड़ी मोहल्ले के मूल निवासी सुनील गर्ग और उनकी पत्नी और रिटायर शिक्षिका मीरा गर्ग घरबार बेचकर स्टेशन रोड स्थित होटल चंद्रगुप्त में रहने लगे थे। मानसिक बीमारी से परेशान थे और इस बीच किसी तरह प्रीति ने उनसे संपर्क साधा। एक दिन प्रीति, गर्ग दंपति को मिशन अस्पताल ले जाने के बहाने एंबुलेंस से होटल से निकाल ले गई। उस दौरान प्रीति के साथ हार्टमैन निवासी उसका साथी मनोज और फरीदपुर निवासी पति सोनू भी था। जब मारुति वैन वाली एंबुलेंस सैटेलाइट होकर पीलीभीत रोड से भुता की ओर बढ़ी तो दंपति ने विरोध किया, जिस पर उन्हें रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया गया। यह वाकया बीते सात जुलाई का है। बाद में बुजुर्ग दंपति को वे दिलावलपुर लेकर आए और प्रीती के मायके में दोनों को बंधक बना दिया। यहां उनसे बैंक पासबुक और एटीएम मांगा गया, न देने पर पिटाई की गई।
बीती नौ जुलाई को तीसरे पहर बुजुर्ग दंपति के साथ मारपीट होती देख पड़ोसी पटेबहादुर ने टोका तो प्रीती का पिता राजपाल और उसके परिवार के अन्य सदस्य पटेबहादुर से झगड़े पर उतारू हो गए। तब उसकी शिकायत मोबाइल पर थानाध्यक्ष से की गई। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची तो पूरा मामला खुल गया। हालांकि तब तक प्रीती और सोनू के साथ राजपाल पुलिस को गच्चा देकर भाग निकले थे। इस मामले में एंबुलेंस चालक मुकेश, प्रीती की मां गुड्डी पहले ही जेल जा चुके हैं।
आज पकड़ी गई प्रीति ने बताया कि बुजुर्ग दंपति से उसने 50 हजार रुपये छीने थे, जिसमें 30 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। उसने दो लाख रुपये लूटने की बात को गलत बताया। बता दें कि बुजुर्ग दंपति का पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पूरे घटनाक्रम के बारे में धारा 164 का बयान दर्ज करवा चुकी है।
राजपाल और होटल मैनेजर की तलाश जारी
निगोही। प्रीती का पिता दिलावलपुर निवासी राजपाल बीती नौ जुलाई से फरार है। वह अपनी पत्नी संग बेटी के इस आपराधिक कृत्य में शामिल रहा है। थानाध्यक्ष अमर सिंह के अनुसार, पूरे प्रकरण में होटल चंद्रगुप्त के एक मैनेजर की संलिप्तता भी सामने आई है, उसकी तलाश की जा रही है। दोनों ने अपने मोबाइल नंबर स्विच ऑफ कर रखे हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही।