आसाराम दुराचार प्रकरण में गवाह कृपाल की हत्या के आरोप में जेल गए नारायण पांडेय उर्फ पुष्पेंद्र पांडेय का शाहजहांपुर पुलिस पालिग्राफ लाई डिटेक्शन टेस्ट कराएगी। यह लखनऊ में होगा। इसके लिए वहां के लैब में जिला पुलिस की ओर से आवेदन कर दिया गया है। यह टेस्ट कराने के लिए मजिस्ट्रेट से अनिवार्य अनुमति भी मिल गई है। साथ ही सीजेएम राजेश्वरी टोलिया ने इसे पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया।
शहर की बिटिया के साथ करीब 23 माह पहले दुराचार की घटना में जेल में बंद आसाराम के जोधपुर आश्रम का मुख्य सेवादार रूपी गुर्गा नारायण पांडेय के बारे में शाहजहांपुर पुलिस वैज्ञानिक तौर पर अपने हर साक्ष्य और तथ्य को पुष्ट करती चल रही है। पहले ही मोबाइल काल डिटेल के आधार पर पूरे मामले में चार गुर्गों की टोली द्वारा प्रकरण के गवाहों को तोडने या उनका सफाया करने की साजिश के संबंध में बातचीत संबंधी ब्योरा जुटाया गया। यहां रहने वाले गवाह कृपाल को आर्थिक प्रलोभन देने, जान से मारने की धमकी देने और फिर गत 10 जुलाई को उस पर गोली मरवाने के पूरे घटनाक्रम में इसके सात बार जोधपुर से शाहजहांपुर आने की पुष्टि भी उसी काल डिटेल से की जा चुकी है। बीते शनिवार को गिरफ्तार नारायण पांडेय को सीजेएम ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया जबकि जांच टीम ने पुलिस रिमांड में देने की याचना की थी। उस पर सुनवाई सोमवार को पूरी कर ली गई और मंगलवार को सीजेएम ने उक्त फैसला सुनाया।
एसपी बबलू कुमार ने कहा कि पालीग्राफ टेस्ट में आरोपी के बयानों की वैज्ञानिक तौर पर प्रामाणिक पुष्टि कराया जान तय हुआ है। एफएसएल निदेशालय से समय मिलते ही अगले एक - दो दिनों में नारायण को इस जांच के लिए लखनऊ ले जाया जाएगा।